संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। करीब 37 वर्ष पुराने नारायणगढ़ बस अड्डे के जर्जर भवन को ध्वस्त करने के लिए मंगलवार को बोली लगाई जानी थी लेकिन मुख्यालय से टीम न आने के कारण यह बोली नहीं लग पाई। इस दौरान बस अड्डे पर करीब 20 लोग बोली में भाग लेने के लिए पहुंचे थे जो टीम के न आने से वापस चले गए।
बता दें कि वर्ष 1988 में नारायणगढ़ बस अड्डे का निर्माण किया गया था, जो अब जर्जर हो चुका है। इस जर्जर भवन को ध्वस्त करने के लिए बोली लगनी थी, जो नहीं लगी। अब टीम के आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। इस बस अड्डे के बनने से चंडीगढ़, पंचकूला और हिमाचल जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
10.54 करोड़ होंगे खर्च : बस अड्डे के निर्माण पर 10 करोड़ 54 लाख 52 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। बस अड्डे की इमारत दो मंजिला होगी और यहां 12 काउंटर बनाए जाएंगे इसके अलावा छह दुकानें, दो महिला शौचालय, दो पुरुष शौचालय, दो दिव्यांग शौचालय भी बनाए जाएंगे। प्रथम तल पर जाने के लिए लिफ्ट की सुविधा भी दी जाएगी, वहीं यात्रियों के लिए एटीएम मशीन, महिला और पुरुषों के लिए दो अलग-अलग प्रतीक्षालय, कार्यालय, कमरे, चालक और परिचालकों के लिए आराम करने के लिए कक्ष बनाए जाएंगे।