अंबाला। बर्फखाने की जमीन पर नगर परिषद ने शुक्रवार सुबह नया चेतावनी बोर्ड लगा दिया है। चेतावनी बोर्ड पर जानकारी दी गई है कि ये जमीन राज्य सरकार की मलकियत है और इस जमीन पर किसी प्रकार का निर्माण व खरीद-फरोख्त नहीं हो सकती। वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के परिवहन, उर्जा व श्रम मंत्री अनिल विज ने मामले की जांच और इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की अनुशंसा की है। उन्होंने इस संबंध में नगर निकाय के आयुक्त व सचिव को उन्होंने पत्र लिखा है। हालांकि इतना सब होने के बावजूद अभी तक बोर्ड हटाने वाले अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
पांच एकड़ जमीन पर है विवाद
बर्फखाने की जिस पांच एकड़ जमीन पर वाद-विवाद चल रहा है, यह जमीन करोड़ों रुपये की है। इस पर संजीव लिब्राहन मालिकाना हक जता रहे है। उनका कहना है कि उनके पास जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज हैं जोकि नगर परिषद से लिए गए हैं। हालांकि इस जमीन को लेकर एक्साइज क्षेत्र से जुड़े व नप के अधिकारी इस जमीन को राज्य सरकार की मलकियत बता रहे हैं।
हटा था बोर्ड, जारी किया था नोटिस
नगर परिषद ने इस जमीन पर पूर्व में लगाए गए बोर्ड को हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। इस पर मालिकाना हक जताने वाले व्यक्ति ने नोटिस का जवाब दिया था कि बोर्ड हटाने में उनका किसी प्रकार का हाथ नहीं है। वहीं जमीन को लेकर भी उनका जवाब था कि वो इस पर किसी भी प्रकार की कोई भी निर्माण आदि नहीं कर रहे हैं। हालांकि इस मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश भी दिए थे जोकि अभी लंबित है।
ऐसे उपजा विवाद
बर्फखाने की जमीन पर मई माह में कुछ हलचल हुई थी। यहां जेसीबी की मदद से जगह को समतल करवाने कार्य किया जा रहा था। इस पर स्थानीय निवासियों ने ऐतराज जताया और इसकी सूचना नगर परिषद को दी। नगर परिषद की टीम जब मौके पर पहुंची तो उन्होंने यहां कुछ हलचल देखी। मामला उपमंडल अधिकारी विनेश कुमार सहित नप के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल के संज्ञान में आया तो उन्होंने बर्फखाने की जमीन पर तुरंत चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश जारी कर दिए।
बर्फखाने की जमीन पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है। इस मामले से संबंधित आगामी कार्यवाही उपमंडल अधिकारी देख रहे हैं जोकि अभी छुट्टी पर चल रहे हैं।
देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी नप सदर।