अंबाला। एसडी कॉलेज से सेवानिवृत्त 83 वर्षीय प्रो राजेंद्र पुरी आठ माह से न्याय के लिए पुलिस की चौखटों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें अपने बेटे को कनाडा में दो लाख रुपये भेजने थे, लेकिन रुपये भेजने से पहले ही अज्ञात ने बैंक से उनके चैक का भुगतान ले लिया। पुलिस ने प्रो पुरी की शिकायत पर केस तो दर्ज कर लिया पर अभी तक आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं। सीसीटीवी फुटेज होने के बाद भी पुलिस आरोपी की तलाश नहीं कर सकी है। अब उन्होंने मामले की शिकायत पीएमओ को भेजकर न्याय की गुजार लगाई है। वहीं पुलिस अभी तक तफ्तीश करने की बात ही कह रही है।
प्रो पुरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि सितंबर में उन्हें अपने बेटे संदीप पुरी को कनाडा में रुपये भेजने थे। उनका खाता कैंट की राय मार्केट स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में है। ऐसे में उन्होंने दो लाख रुपये का चैक अपनी पत्नी को दिया ताकि वह सिटी की यूनियन बैंक के जरिए धनराशि को बेटे तक पहुंचा दें। उन्होंने चैक ड्राप बॉक्स में डाल दिया। इसके कुछ समय बाद ही यह चेक कोई अज्ञात व्यक्ति कैंट की बैंक ऑफ बड़ौदा में लेकर आया और उनके बेटे संदीप पुरी के हस्ताक्षर कर पूरी धनराशि निकाल ली।
बैंक से चैक गायब होने और सत्यापन न करने का आराेप
इस मामले में प्रो पुरी ने दोनों संबंधित बैंकों के प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पहले तो यूनियन बैंक से चैक ड्रॉप बॉक्स से गायब कैसे हुआ, फिर छावनी में दूसरी बैंक ने बिना सत्यापन करे चैक का भुगतान कैसे कर दिया। इस मामले में सीसीटीवी में एक व्यक्ति बैंक ऑफ बड़ौदा से मास्क लगाकर भुगतान लेता दिख रहा है। प्रो पुरी का कहना है कि इस मामले में बैंक प्रशासन भी चुप्पी साधे बैठा है।
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यह मामला सिटी की सीमा का था, हमने पीड़ित की परेशानी को देखते हुए कैंट में केस दर्ज कर लिया था। अभी तफ्तीश की जा रही है कि सीसीटीवी में दिखने वाला व्यक्ति कौन है।अजैब सिंह, एसएचओ, अंबाला कैंट