अंबाला सिटी। नवरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार का बजट छह साल में 3 करोड़ से 18 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। छह गुना बजट तो बढ़ा, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के तय समय के चार साल बाद भी आज तक अधूरा है। नवरंगराय तालाब पर 135 साल से राज्यस्तरीय वामन द्वादशी का मेला लगाता आ रहा था। यहां प्रदेशभर से श्रद्घालु पहुंचते थे। अधिकारियों की लापरवाही उस पर भी ग्रहण लगा हुआ है। हालांकि पिछल साल कोरोना के कारण मेला नहीं हो लग सका था। श्रद्धा और आस्था के प्रतीक नवरंगराय तालाब की महत्ता को देखते हुए इसके जीर्णोद्धार के लिए मुख्यमंत्री ने 2015 में घोषणा की थी।
उस समय बजट 3 करोड़ रुपये का तय किया गया था। इसके बाद बजट में बदलाव करते हुए इसे 12 करोड़ कर दिया गया। 2017 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने नवरंगराय तालाब के जीर्णोद्धार के कार्य का आरंभ किया था। यह कार्य मार्च 2019 में पूरा होना था। जो पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद ठेकेदार को कोरोना का बहाना मिल गया। अब जब कंपनी ने दोबारा से काम शुरू करना चाहा तो कार्य की लागत बहुत अधिक बढ़ गई। ऐसे में कंपनी द्वारा नए सिरे से बजट को तैयार कर अधिकारियों को भेजा गया है। अब करीब 6 करोड़ रुपये बढ़ाकर बजट 18 करोड़ कर दिया गया है। वर्तमान की बात करें तो नवरंग राय तालाब के जीर्णोद्धार का करीब 60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है। अलबत्ता इस साल वामन द्वादशी के मेल पर भी असमंजस बनी हुई है। संवाद
जानिए परियोजना के बारे में
पूरे सरोवर के चारों ओर परिक्रमा के लिए कॉरिडोर तैयार हो चुका है। इसके अलावा ठाकुरद्वारे के सामने की दिशा में एक स्क्रीन दीवार का भी निर्माण करवाया जा रहा है। जिस पर विशेष कार्यक्रमों में प्रोजेक्टर के माध्यम से सरोवर के इतिहास के साथ-साथ धार्मिक व ऐतिहासिक ज्ञान पर आधारित अन्य फिल्में भी प्रदर्शित की जा सकेंगी। सरोवर के बीचोंबीच एक पुल बनाना है। 300 फुट लंबे और 20 फुट चौड़े पुल के दोनों ओर 8 रंगीन फव्वारे लगाए जाएंगे। सरोवर में स्नान के लिए 6 घाट तैयार किए जा रहे हैं। सरोवर के पूर्व और पश्चिम की तरफ दो प्रवेश द्वार भी बनाए जा रहे हैं। लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से इस पार्क में कॉरिडोर, चिल्ड्रन पार्क, गजीबो, कैफेटेरिया सुविधाओं के साथ-साथ इस पार्क को बाल भवन परिसर से जोड़ने के लिए एक संपर्क पुल भी तैयार किया जा रहा है।
नवरंगराय तालाब के निर्माण का बजट बढ़ गया था। बजट को संशोधित करके भेजा गया है। जैसे ही बजट पास होता है काम को दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। जिससे कि जल्द से जल्द नवरंग तालाब का निर्माण कार्य पूरा हो सके।
- महिपाल सिंह, मुख्य कार्यकारी अभियंता, नगर निगम।