अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल के आईपीडी ब्लॉक के 318 नंबर कमरे में डेढ़ साल की धूल फांक रही लिथोट्रिप्सी मशीन को एक बार फिर से शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है।
अस्पताल प्रबंधन ने मशीन को दुरुस्त करवाने के लिए संबंधित कंपनी के इंजीनियर से पत्राचार किया गया है। जल्द ही उन्हें बुलाया गया है ताकि मशीन को दुरुस्त किया जा सके।
इस मशीन से चलने पर गुर्दे की पत्थरी को बिना चीर-फाड़ के निकाला जाएगा। यह मशीन तीन करोड़ रुपये की लागत से विभाग द्वारा खरीदी गई थी। पहले तो यह मशीन इस्तेमाल में आ रही थी। सर्जन आदि डॉक्टर इस मशीन के इस्तेमाल से मरीजों को लाभ पहुंचा रहे थे।
डेढ़ साल पहले अचानक फाल्ट आने के बाद मशीन बंद हो गई। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संबंधित कंपनी के साथ मरम्मत के लिए निविदा नहीं लगाई गई थी। 30 जून को नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन डॉॅ. राकेश सहल ने भी इस मशीन के बारे में जानकारी ली थी। साथ ही जल्द ही दुरुस्त करवाने के लिए निर्देश दिए थे। संवाद