अंबाला। पैदल दिल्ली कूच के लिए पीठ पर बैग, हाथों में झंडे और गले में हार पाकर निकला 101 सदस्यीय मरजीवड़ा जत्था बार्डर के पास पहुंचते ही आक्रामक दिखा। बाधा बनी बैरिकेडिंग की लेयर को चंद मिनटों में ही तोड़कर भीतर दाखिल हुए। फिर टेंट और कंटीले तार और सूए की लेयर को तोड़ते हुए पुलिस की सबसे मजबूत लेयर यानी शेड तक पहुंच गए थे। हालांकि उनके पास कोई बड़े हथियार नहीं थे लेकिन बैरिकेडिंग पर लगी पुलिस की जंजीर को निकालकर सबसे बड़ा हथियार बनाया। इसका इस्तेमाल पुलिस के शैड पर सुरक्षा कवच बनी जाली को उखाड़ने में किया।
जब-जब वह जाली खींचने लगे थे, तब-तब पुलिस ने कभी ज्वलनशील स्प्रे तो कभी हाथ से आंसू गैस के गोले फेंककर दूर करने का प्रयास किया। आखिर में करीब साढ़े तीन घंटे के लंबे इंतजार व सुरक्षा कवच पर बढ़ते खतरे को देख पुलिस के सब्र का बांध टूट गया। फिर पुलिस ने एक के बाद गन से भी आंसू गैस के करीब दर्जनभर गोले दागकर किसानों को पीछे खदेड़े रखा। अंत में दिल्ली कूच का फरमान स्थगित होने पर किसानों का जत्था वापस अपने मंच पर लौटा और पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
युवा शेड पर चढ़ा तो हरकत में आई पुलिस
टकराव के दौरान मरजीवड़ा जत्थे में शामिल एक युवा मौका पाते ही पुलिस की सबसे मजबूत लेयर यानी शेड के ऊपर चढ़ गया। यह देखते ही पुलिस भी हरकत में आ गई। तुरंत शैड के ऊपर भी पुलिस के जवानों को भेजकर युवा किसान को नीचे उतारा। साथ ही पूरे टकराव के दौरान ऊपर भी पहरा लगाए रखा। इस दौरान एक बुजुर्ग भी शैड पर चढ़ने का प्रयास करते हुए पुल की साइड में लगी रेलिंग के पीछे से जाने का प्रयास कर रहा था लेकिन पुलिस मुलाजिमों ने पुल से नीचे गिरने का खतरा बताते हुए उसे रोक दिया।
ले गए बैरिकेड तो कुछ घग्गर में गिराए
इस टकराव के बीच किसानों की रणनीति काफी कारगर भी नजर आ रही थी। किसान जत्थेदार आगे पुलिस से बहस कर रहे थे तो पीछे से किसानों के अलग-अलग जत्थे यानी ग्रुप बैरिकेडिंग के साथ-साथ कंटीले तार और बड़े-बड़े सूए अपने मंच की तरफ ले गए थे। हालांकि यह बैरिकेडिंग पंजाब की तरफ से लगाई गई थी। जबकि कुछ शेड व बैरिकेडिंग को किसानों ने घग्गर नदी में गिरा दिया था।
बिना एक्सपायरी डेट वाले आंसू गैस के गोले दिखा जताया रोष
पुलिस द्वारा दागे गए आंसू गैस के गोलों को हाथ में लेकर किसानों ने रोष जताया। आरोप लगाया कि इन गोलों पर कोई भी एक्सपायरी डेट नहीं है। जानबूझ कर उनके ऊपर इस तरह से एक्सपायरी गोलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।