अंबाला। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने जिस प्रकार से ड्रोन का प्रयोग किया, इससे यह ताे तय हो गया है कि आने वाले युद्ध में मारने के लिए ड्रोन तकनीक और बचने के लिए काउंटर ड्रोन तकनीक काफी मददगार बनेगी।
इसके लिए सेना ने काफी बड़े स्तर पर निर्णय लेकर काम शुरू कर दिया है। खास बात है कि इस तकनीक के लिए किसी दूसरे देश पर निर्भर न रहना पड़े इसके लिए अधिकांश प्रयास यही किए जा रहे हैं कि इन तकनीकों का स्वदेशी स्तर पर निर्माण हो। सोमवार काे सेना के वायु समन्वय अभ्यास के दौरान सेना ने अपने द्वारा बनाए ऐसे ही ड्रोन आदि काे प्रदर्शित किया। खास बात है कि सेना ड्रोन ही नहीं बल्कि ड्रोन में लगने वाले बमों को भीमोडिफाई कर रही है ताकि विस्फोटक भी स्थानीय स्तर पर तैयार हो सकें।