संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट नागरिक अस्पताल के एक्स-रे रूम में तीन रेडियोग्राफर व सिक्योरिटी गार्ड के बीच हुए विवाद के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
सोमवार को जहां सिक्योरिटी गार्ड व उसके साथियों सहित किए गए हमले में घायल तीनों रेडियोग्राफर पुलिस व विभागीय कार्रवाई की मांग पर अडे रहे और पांच घंटे तक एक्स-रे सेवाएं बंद रखी, वहीं सिक्योरिटी गार्ड के पक्ष में भी अस्पताल के गार्ड, चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी आदि ने एकजुट होकर एक घंटे के लिए काम बंद कर दिया।
उन्होंने समझौता करवाने का मांग पत्र भी पीएमओ को सौंपा। हालांकि दोनों मामलों में सीएमओ डॉ. राकेश व पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल के संज्ञान के बाद मामला शांत हुआ।
इस बीच कैंट नागरिक अस्पताल की सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गईं। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। मरीज व तीमारदार की कार्यप्रणाली को कोसते हुए नजर आए।
रेडियोग्राफरों के पक्ष में उतरी एसोसिएशन, पहुंची अंबाला : हमले में घायल हुए अस्पताल के तीनों रेडियोग्राफर मोहित, सज्जाद व अमित ने सोमवार को सुबह 8 बजे आकर मरीजों के एक्स-रे से इन्कार कर दिया। कमरा बंद कर बाहर कुर्सी पर बैठ गए थे। कुछ ही देर बाद प्रदेश की हेल्थ डिपार्टमेंट एसोसिएशन ऑफ रेडियोलॉजी ऑफिसर्स के प्रधान करनाल निवासी रविंद्र मलिक सहित उनकी टीम भी अस्पताल पहुंच गई।
उन्होंने मिलकर पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल को पुलिस के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई करते हुए हमलावरों में शामिल सिक्योरिटी गार्ड को निलंबित करने की मांग का ज्ञापन सौंपा। हालांकि बाद में पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल के आश्वासन के बाद दोपहर 12 बजे एक्स-रे शुरू हुए लेकिन इमरजेंसी मरीजों के। दोपहर 2 बजे तक 22 मरीजों के ही एक्स-रे हुए। वहीं, पुलिस ने भी रेडियोग्राफरों के बयान दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।