मंदिर में मिट्टी के बर्तन कंडेरा चढ़ाने की परंपरा, बच्चों का कराया जाता है पहला मुण्डन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। जागधौली गांव में 10 मार्च को एक दिवसीय शीतला माता मेले का आयोजन किया जाएगा। होली के त्योहार के बाद पहले मंगलवार को लगने वाले इस मेले में हरियाणा ही नहीं, बल्कि पंजाब, हिमाचल और उत्तर प्रदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मान्यता है कि माता शीतला चेचक, नेत्र विकार और फोड़े-फुंसी जैसे असाध्य रोगों को हरने वाली देवी हैं।
मान्यता है कि यहां मन्नत मांगने से बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े दोष दूर होते हैं। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु परंपरा के अनुसार मिट्टी से बना विशेष बर्तन कंडेरा अर्पित करते हैं। इस दिन बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं और बच्चों का पहला मुण्डन भी करवाया जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से मेला परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी।
बासी भोजन का लगेगा भोग
शीतला माता को स्वच्छता की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। पूजन की परंपरा के तहत देवी को एक दिन पूर्व बने बासी भोजन यानी बसौड़ा का भोग लगाया जाता है। सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि 12 बजे विधि-विधान से पूजन और भोग की रस्म अदा की जाएगी। प्राचीन परंपरा के अनुसार, मंदिर के ठेकेदार के घर से माता की ज्योत लाई जाती है और पहला भोग भी ठेकेदार के घर से आए बासी भोजन का ही लगता है।
दंगल का होगा आयोजन
जागधौली सरपंच पति रणदीप राणा ने बताया कि इस वर्ष मंदिर चढ़ावे का ठेका 18 लाख 50 हजार रुपये में हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2 लाख 39 हजार रुपये अधिक है। इस बार ठेकेदार तिलकराज के घर से ज्योत और भोग लाया जाएगा। मंदिर कमेटी की ओर से मेले के दौरान भव्य दंगल का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें नामी पहलवान दम दिखाएंगे। समस्त ग्रामवासी मेले के सफल आयोजन के लिए तैयारियों में जुटे हैं।