संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। आमजन सहित पशुओं को सर्दी व शीतलहर से बचाव को लेकर सरकार ने विशेष एडवाइजरी जारी की। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने नागरिकों से शीतलहर व सर्दी से बचाव के लिए एडवाइजरी की पूर्ण रूप से पालन करते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि आमजन सावधानी बरतकर सर्दी से अपना व अपने पशुओं का बचाव कर सकते हैं। सर्दी से बचाव के लिए आमजन अपने पास पर्याप्त कपड़ों का स्टाक करें। घर में ठंडी हवा का प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों और खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। जितना संभव हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें।
गर्म कपड़े पहनें ताकि ठंड बिल्कुल न लगे। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने रखें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं
उपायुक्त ने बताया कि सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्यवर्धक भोजन लें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी। शराब का सेवन न करें, यह शरीर के तापमान को कम करता है। बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें और रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें। उन्होंने कहा कि बंद कमरों में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है। जानवरों को ठंडा चारा और ठंडा पानी देने से बचें। पशु आश्रय में नमी और धुएं को नहीं रहने दें। वहीं आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन कर सहायता लें।
कोहरे में ओवरटेक करने से बचें
उपायुक्त ने बताया कि सर्दी के मौसम में घने कोहरे के दौरान विशेषकर सुबह और रात के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में वाहन चालकों को सीमित गति में अपनी निर्धारित लेन में रहकर और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए वाहन चलाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और नागरिक सुरक्षित यात्रा कर सकें। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वह धुंध के मौसम में गलत दिशा में वाहन न चलाएं और धुंध के समय जहां तक संभव हो ओवरटेक करने से बचें। सर्दी के मौसम में जरूरतमंद व्यक्तियों के ठहरने के लिए अस्थायी तौर पर रैन बसेरे भी स्थापित किए गए हैं।