अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल में आने वाले थैलेसीमिया व हीमोफीलिया के मरीजों को अब जांच में राहत मिलेगी। अस्पताल की डिस्ट्रिक्ट इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (डीआईपीएचएल) में हाई परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमेटोग्राफी (एचपीएलसी) मशीन स्थापित की गई है।
इस मशीन का उद्देश्य विशेष रूप से थैलीसीमिया एवं अन्य रक्त संबंधी विकारों की पहचान व जांच को और अधिक सटीक, तेज और विश्वसनीय बनाना है। लैब की लगी मशीन का शनिवार को अस्पताल की कार्यवाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूजा पेंटल ने जायजा लिया। साथ ही मशीन की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि यह मशीन रक्त के विभिन्न घटकों का विश्लेषण करने में अत्यंत सक्षम है।
हीमोग्लोबिन की विभिन्न प्रकारों की हो सकती है पहचान
इसके माध्यम से थैलेसीमिया जैसे अनुवांशिक रोगों की शीघ्र पहचान की जा सकती है, जिससे समय पर उपचार संभव होता है और मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार आता है। पहले यह जांच पंचकूला लैब में करानी पड़ती थी, जिससे मरीजों को आर्थिक बोझ के साथ समय भी अधिक लगता था। अब यह सुविधा नागरिक अस्पताल में ही निशुल्क उपलब्ध है। वहीं रीजनल हीमोफीलिया पैथोलॉजिस्ट सेंटर से डॉक्टर नीतू सचदेवा ने बताया कि यह मशीन हीमोग्लोबिन के विभिन्न प्रकारों की पहचान करने में भी सहायक है, जिससे हीमोग्लोबिनोपैथीज की सटीक पहचान की जा सकती है।
कार्यवाहक पीएमओ ने अस्पताल का निरीक्षण भी किया
ऊर्जा मंत्री अनिल विज की ओर से अस्पताल में खामियों को उजागर करने के बाद अस्पताल प्रबंधन गंभीर हो गया है। कार्यवाहक पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल ने अस्पताल के एक्स-रे, सीसी स्कैन, मैमोग्राफी व अल्ट्रासाउंड रूम में जाकर स्टाफ व मरीजों से भी चर्चा की। उन्होंने संबंधित स्टाफ से कहा कि कोई भी दिक्कत आती है तो तुरंत उन्हें सूचित किया जाए ताकि तुरंत समाधान किया जाए। इसके अलावा इमरजेंसी सहित अलग-अलग वार्ड का भी जायजा लिया।
-