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Ambala News: नए सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामियों और हड़ताल ने बढ़ाई मुसीबत

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फोटो: 01
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- चार महीने से लंबित इंतकाल अब 12 हजार के पार, भटक रहे लोग

संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जिले में सरकारी सिस्टम की सुस्ती और पटवारियों की हड़ताल का दोहरा खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। नए सॉफ्टवेयर में पिछले चार महीनों से आ रही लगातार तकनीकी खामियों के कारण जो 11 हजार इंतकाल पहले से ही अटके हुए थे, वह छह दिनों की पटवारियों व कानूनगो की हड़ताल के बाद अब बढ़कर 12 हजार के पार पहुंच गए हैं। स्थिति यह है कि राजस्व विभाग का काम चरमरा गया है। लोग अपने जरूरी कागजातों के लिए और प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भटकने को मजबूर हैं।
सॉफ्टवेयर की समस्याओं के विरोध में पटवारी और कानूनगो बीते छह दिनों से धरने पर बैठे थे। इस हड़ताल के कारण अंबाला सिटी, अंबाला कैंट, बराड़ा, नारायणगढ़, साहा और शहजादपुर स्थित पटवारखानों पर ताले लटके रहे। दफ्तर बंद होने से न केवल जमीनों के इंतकाल रुके हैं, बल्कि 1000 से अधिक जाति सत्यापन और लगभग 800 मूल निवास प्रमाण पत्र बनने का काम भी अधर में लटक गया है। दी पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के प्रधान अमित कुमार ने बताया कि नए सॉफ्टवेयर में इतनी तकनीकी खामियां हैं कि काम करना असंभव हो गया है। पिछले चार महीने से हम सिर्फ आश्वासन सुन रहे हैं। मजबूरन हमें धरने पर बैठना पड़ा, क्योंकि जब तक सिस्टम ठीक नहीं होगा, इंतकाल दर्ज ही नहीं हो सकते।
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एक माह से जमीन के इंतकाल के लिए काट रहे चक्कर
रमेश कुमार ने बताया कि वह पिछले एक महीने से जमीन के इंतकाल के लिए चक्कर काट रहे हैं। पहले तो अधिकारी कहते रहे कि सॉफ्टवेयर खराब है और अब पटवारियों की हड़ताल ने काम पूरी तरह ठप कर दिया।
पटवारखाने पर छह दिन से लटका है ताला
सुनीता देवी ने बताया कि बेटी के कॉलेज में जाति और निवास प्रमाण पत्र देना है। पटवारखाने पर छह दिन से ताला लटका है। अगर समय पर दस्तावेज जमा नहीं हुए, तो बच्ची का काम रूक जाएगा।
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तहसील के कानूनी मामलों और रजिस्ट्री प्रक्रियाओं पर असर
राजेश शर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग की इस सुस्ती का सीधा असर तहसील के कानूनी मामलों और रजिस्ट्री प्रक्रियाओं पर पड़ रहा है। विरासत इंतकाल नही हाेने से लोगों को परेशानी हो रही है।



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