माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। एससी एसटी अधिनियम के तहत आरोपी सरकारी स्कूल की शिक्षिका को कोर्ट से राहत मिली है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित शर्मा की अदालत ने आरोपी शिक्षिका को नियमित जमानत दे दी है। आरोपी शिक्षिका पर अपनी सहकर्मी के खिलाफ जातिगत टिप्पणी करने और सर्विस रिकॉर्ड में अभद्र शब्द लिखने का आरोप था। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मॉडल टाउन में तैनात अर्थशास्त्र की पीजीटी शिक्षिका ने पुलिस को तहरीर दी थी।
तहरीर में बताया था कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखती हैं। कॉमर्स की पीजीटी शिक्षिका ने जातिगत द्वेष के चलते सितंबर 2024 में उनकी उपस्थिति पंजिका में डिस्मिस शब्द लिख दिया था। इससे पहले मार्च 2025 में प्रिंसिपल की मौजूदगी में उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि उनकी मुवक्किल स्थायी रूप से दिव्यांग हैं। उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। वह 4 फरवरी 2026 से हिरासत में हैं। वहीं सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोप गंभीर हैं। बाहर आने पर आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की दिव्यांगता और हिरासत की अवधि को देखते हुए जमानत मंजूर कर ली।