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पहाड़ों में तेज बारिश से टांगरी में उफान, कई अवैध्ा कालोनियों में घुसा पानी

Thu, 13 Aug 2015 01:04 AM IST
अंबाला/ब्यूरो
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मंगलवार-बुधवार की रात को टांगरी में आए उफान ने नदी किनारे बसे लोगों में दहशत पैदा कर दी। कई घरों में पानी घुस गया, जिसके चलते उनका काफी नुकसान हुआ है।
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लोगों में दहशत है कि पहाड़ों में यदि बारिश तेज होती है, तो फिर से यही स्थिति होगी। इसी कारण से यह लोग परेशान हैं कि आखिर अब वे क्या करें। बुधवार को यह लोग अपने घरों से कीचड़ आदि निकालते रहे, जबकि खराब हुआ सामान भी समेटते दिखाई दिए।

यह रही स्थिति
कैंट में टांगरी नदी के साथ कई अवैध कालोनियां बसी हुई हैं, जबकि कई घर इसी नदी के एकदम किनारे पर हैं। मंगलवार-बुधवार की देर रात को अचानक टांगरी नदी उफान पर आई।
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लोग घरों में सो रहे थे, जबकि पानी उनके घरों में घुस गया। पानी की आहट होते ही लोगों की नींद खुली तो घुटनों तक पानी घरों में घुस चुका था। आनन-फानन में इन लोगों ने परिवार के अन्य सदस्यों को उठाया और छत पर चले गए। सारी रात यह लोग छत पर ही बैठे रहे।

 टांगरी नदी के किनारे रहने वालों में जगदीश चंद, जसपाल, राजू, मामचंद, संजीव कुमार, अमन, सुनीता, सोनिया, रीना, दिनेश, अमरजीत, रेखा, भानू, राहुल, आरती, संदीप शर्मा, विजय कुमारी, विधि चंद, नत्थूराम, शिव कुमार, रतन, राजेंद्र कुमार ने बताया कि अचानक रात में पानी घरों में घुस गया और सामान आदि बचाने का मौका ही नहीं मिला। उन्होंने बताया कि इस कारण से जहां घरेलु सामान खराब हो गया, जबकि कई उपकरण तक भी खराब हुए हैं।

रात को लगेगा पहरा
इन कालोनियों के लोगों ने बताया कि जिस तरह से मंगलवार-बुधवार की रात को घरों में पानी घुस गया, उसे देखते हुए अब सतर्कता बरतनी होगी। लोगों ने बताया कि कीमती सामान की सुरक्षा कर रहे हैं, जबकि रात में भी परिवार का एक सदस्य बारी-बारी से जागेगा, ताकि यदि जलस्तर बढ़ता है, तो एतिहात के तौर पर अपना बंदोबस्त किया जा सके।


पहाड़ों में हुई बारिश तो बढ़ेगा खतरा
टांगरी नदी बरसाती नदी है और जब भी हिमाचल के कुछ क्षेत्रों में भारी बरसात होती है, तो यह पानी नदी में आ जाता है। फिलहाल बुधवार को टांगरी में पानी का स्तर ज्यादा नहीं था, जबकि नदी किनारे रहने वाले लोग सारा दिन पानी के स्तर पर नजर रखे रहे। यदि बारिश और ज्यादा होती है, तो फिर से टांगरी के किनारे रहने वालों के लिए खतरा बढ़ेगा।

बांध तेज बहाव में बहा
अंबाला के साथ लगते झूठों का नगला क्षेत्र से गुजरने वाली टांगरी नदी में बनाया गया बांध (बैड) तेज बहाव में बह गया। बताया जाता है कि कैंट में पानी आने से रोकने के लिए यह बंदोबस्त किया गया। यहां पर हजारों कट्टे रेत के बिछाए गए ताकि बाढ़ जैसी स्थिति न आ सके।

इसी मुद्दे को लेकर फेडरेशन आफ वेलफेयर सोसायटीज एंड एसोसिएशन भी अदालत में इस मामले को लेकर गई है। संस्था के प्रेजीडेंट कर्नल (रिटायर्ड) सतनाम सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर काफी समय से प्रयास किए जा रहे हैं, क्योंकि आर्मी एरिया इसके सबसे नजदीक है।

 उन्होंने बताया कि बुधवार को गांव से जानकारी ली गई है, जिसमें बताया गया है कि जो रेत के कट्टे इस नदी में बिछाए गए थे वे दिखाई नहीं दे रहे हैं। माना जा रहा है कि यह कट्टे या तो बह गए या फिर नीचे बैठ गए हैं।

 एसडीएम ने रूण नदी का किया दौरा
नारायणगढ़ हलके के गांव चेचीमाजरा में पानी घुसने की आशंका के चलते एसडीएम रुचि सिंह और तहसीलदार जोगिंदर शर्मा ने रूण नदी का दौरा किया।

यहां पर उन्होंने ग्रामीणों से भी बातचीत की। इस दौरान ग्रामीण पाला राम, जसबीर सिंह, रघुबीर आदि ने नदी के पानी के बहाव को बदलने के लिए नाला खुदवाने की मांग रखी। एसडीएम ने शिवालिक जल सेवाएं मंडल के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे बाढ़ प्रबंधों के लिए जो भी जरूरी कदम है वे उठाएं।

उन्होंने लोगों से भी अपील कि हैं कि वे वर्षा के दौरान तथा नदीयों में पानी आने के समय नदियों में प्रवेश न करें और अपना जीवन संकट में न डाले।

उन्होंने ग्राम सचिवों, पटवारियों को लोगों को इस बारें में जागरूक करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा क्षेत्र से गुजरने वाली विभिन्न नदियों के पानी के बहाव पर नजर रखी जा रही हैं।
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