अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में गले की खराबी के साथ- साथ कैंसर के मरीज भी देखने को मिल रहे हैं। नागरिक अस्पताल में रोजाना पांच से छह मामले ऐसे देखने को मिल रहे हैं, जिनके गले और मुंह में कैंसर के लक्षण दिखते हैं।
उन मरीजों को चिकित्सक उपचार के लिए छावनी के अटल कैंसर केयर में भेजा जा रहा है। मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि एक सप्ताह में देखें तो तीन से चार मरीजों को चिकित्सक छावनी में रेफर कर रहे हैं। इनमें से दो से तीन मरीजों में कैंसर पाया जा रहा है। लंबे समय से तंबाकू और धूम्रपान करने के कारण लोगों में मुंह और गले के कैंसर का खतरा अधिक बढ़ गया है।
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मध्यम आयु वाले मरीज सबसे अधिक प्रभावित
इनएनटी चिकित्सक डॉ नेहा ने बताया कि जो लोग छोटी उम्र से ही गुटका और तंबाकू का सेवन करना शुरू कर देते हैं, उन्हें 30 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक की आयु में कैंसर के लक्षण सामने आते हैं। वहीं जिन लोगों ने 30 वर्ष या इससे अधिक आयु में तंबाकू या गुटका का सेवन शुरू किया था, उन्हें 60 से 70 वर्ष की आयु में यह बीमारी हो रही है।
नागरिक अस्पताल में हो रही बायोप्सी
जिन मरीजों को मुंह और गले के कैंसर के लक्षण दिखाई देते हैं। चिकित्सक उनकी सिटी नागरिक अस्पताल में ही बायोप्सी करवाते हैं। इस टेस्ट में मरीज की त्वचा का एक टुकड़ा लिया जाता है और उसकी जांच करवाई जाती है। टेस्ट पॉजिटिव आने पर मरीज को उपचार के लिए छावनी नागरिक अस्पताल में भेजा जाता है। जहां पर ऑपरेशन व अन्य उपचार के जरिए मरीज का इलाज किया जाता है।
इन लक्षणों से होती है मरीज की पहचान
डॉ नेहा ने बताया कि मुंह के कैंसर से पीड़ित मरीज के मुंह में सूजन आती है, मरीज का अचानक से वजन गिरना शुरू हो जाता है। चेहरे की बनावट में अंतर आ जाता है, खाना खाते हुए गले में दर्द व चुभन होती है, मुंह के भीतर सफेद या लाल धब्बे भी बन जाते हैं। जीभ और मुंह के अन्य भाग सुन्न हो जाते हैं।