संवाद न्यूज एजेंसी नारायणगढ़। यूजीलैंड में वर्क परमिट और स्थायी निवास (पीआर) दिलाने का झांसा देकर दुधली गांव निवासी बलकार सिंह से 25.82 लाख की धोखाधड़ी की गई। शातिर ट्रैवल एजेंटों ने 12वीं पास एक छात्र को वर्क परमिट के बजाय
होली सेलिब्रेशन में मॉडल बनाकर महज 15 दिन के लिमिटेड वीजा पर न्यूजीलैंड भेज दिया।
ठगी का अहसास होने पर जब पीड़ित पिता ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने छात्र को विदेश में ही मरवाने और परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं। मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची इस शिकायत के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने मामले की जांच की।
जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने दो सगे भाइयों रजत, दीपेंद्र जोशी व उनके पिताओं के खिलाफ धारा विश्वासघात 316(4), धोखाधड़ी 318(2) और आपराधिक साजिश 61(2) के तहत की गई।
दुधली गांव निवासी बलकार सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा लगनदीप सिंह 12वीं पास करने के बाद न्यूजीलैंड जाने के लिए पीटीई परीक्षा की तैयारी कर रहा था। नवंबर 2025 में उनकी मुलाकात रजत जोशी और दीपेंद्र जोशी से हुई। आरोप है कि दोनों ने भरोसा दिलाया कि नौकरी के लिए पीटीई की आवश्यकता नहीं है और वे सीधे न्यूजीलैंड में कंपनी में नौकरी, वर्क परमिट और बाद में पीआर दिलवा देंगे।
इसके बदले 20.50 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई। जनवरी 2026 में आरोपियों ने छात्र का पासपोर्ट लेकर फाइल चार्ज के नाम पर एक लाख रुपये ले लिए। 19 फरवरी 2026 को छात्र को दिल्ली एयरपोर्ट भेज दिया गया। इसके बाद 21 फरवरी को आरोपियों ने 14.67 लाख रुपये नकद भी ले लिए। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह राशि उन्होंने अपने आढ़ती और अन्य लोगों से ब्याज पर उधार लेकर जुटाई थी।
बलकार सिंह के अनुसार, 22 फरवरी को न्यूजीलैंड पहुंचने पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने बताया कि छात्र के पास वर्क वीजा नहीं, बल्कि होली सेलिब्रेशन में भाग लेने के लिए जारी 15 दिन का लिमिटेड वीजा है, जिस पर किसी प्रकार का रोजगार करना प्रतिबंधित है।
आरोप है कि इसके बाद भी आरोपियों ने वर्क परमिट में बदलवाने और ''टोकन वीजा'' बनवाने का झांसा देकर दो किस्तों में करीब 5.50 लाख रुपये और ले लिए। इस तरह आरोपियों ने कुल 25.82 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
रुपये वापस मांगने पर दी गईं धमकियां
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने छात्र को न्यूजीलैंड में नुकसान पहुंचाने और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में पहुंचने के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।