नशा मुक्ति केंद्र में लाडवा निवासी आकाश की मौत हो गई। परिवार की शिकायत पर नग्गल थाने में नशा मुक्ति केंद्र संचालक सहित 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है।
रसूलपुर गांव स्थित संजीवनी वेलफेयर सोसायटी के नशा मुक्ति केंद्र में लाडवा निवासी आकाश की मौत हो गई। परिवार की शिकायत पर नग्गल थाने में नशा मुक्ति केंद्र संचालक सहित 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मृतक के चाचा अनिल कुमार माटा ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसका भतीजा आकाश 31 साल से नशे का आदि था। उसे डेढ़ साल पहले कालका के संजीवनी वेलफेयर सोसायटी के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।
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इस शाखा को जसपाल सिंह, हरजोत सिंह और उनके रिश्तेदार चलाते हैं। इनकी एक शाखा जिला अंबाला में रसूलपुर गांव में भी है। उसके भतीजे को कुछ समय पहले कालका से रसूलपुर शाखा में शिफ्ट कर दिया गया। अनिल ने बताया कि 31 जुलाई को जसपाल सिंह के खाते में नौ हजार रुपये जमा करवाए थे और उन्हें हिदायत दी थी वो आकाश को कालका में रखें, बावजूद इसके उन्होंने आकाश को रसूलपुर शिफ्ट कर दिया।
दुर्घटना का आया फोन
मृतक आकाश के चाचा अनिल कुमार ने बताया कि दो अगस्त की रात को जसपाल सिंह का फोन आया कि आकाश दुर्घटना में घायल हो गया है और उसकी हालत काफी खराब है, इसलिए वो उसे चौड़मस्तपुर की सीएचसी में लेकर जा रहे हैं। सूचना के बाद वो अन्य परिजनों के साथ सीएचसी पहुंच गए, उन्होंने देखा कि आकाश के शरीर पर काफी घाव थे। शरीर पर लोग के चोट के निशानों से देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि उसे रस्सियों से बांधकर काफी बुरी तरीके से पीटा गया और उसकी हत्या कर दी गई।