अंबाला। अब नगर योजनाकार सहित स्थानीय निकाय का अवैध निर्माण पर पीला पंजा चलना शुरू होगा। लगभग दो माह से कोर्ट के स्टे के कारण अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। अब जब कोर्ट से स्टे हट गया है तो विभागों ने भी कमर कस ली है।
टाउन कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से करीब 13 से 14 अवैध निर्माणों को चिह्नित किया है। इन्हें पूर्व में नोटिस भी थमाया जा चुका है। इसके बावजूद संबंधित संपत्ति मालिकों की ओर से अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया। दो महीने तक तो विभाग ने स्टे के कारण कोई कार्रवाई नहीं की अब कार्रवाई के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
काेर्ट ने गुजरात से जुड़े मामले में दिया था स्टे
सर्वोच्च अदालत में गुजरात में एक निर्माण पर कार्रवाई से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई पर स्टे दे दिया था। इस स्टे के कारण देश में अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ की कार्रवाई से सभी विभाग बच रहे थे। अब स्टे हट गया है तो विभागों ने फिर से तैयारी कर ली है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो कोर्ट ने अधिनियम के अलावा नए नियमों के अधीन रहते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विभाग को कार्रवाई करनी है तो उन मानकों को पूरा करना होगा। अब विभागीय अधिकारी अदालत के आदेश पर ध्यान दे रहे हैं।
डीटीपी को करनी होती है कार्रवाई
जिला टाउन कंट्री प्लानिंग विभाग को हर माह पांच से छह अवैध निर्माण के मामलों में कार्रवाई करनी होती है। इस तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए जिला उपायुक्त से अनुमति लेनी होती है। इसके बाद भी विभाग कार्रवाई कर सकता है। विभाग अधिसूचित क्षेत्र में इस प्रकार की कार्रवाई करता है। वहीं स्थानीय निकाय अपने क्षेत्र में अवैध निर्माण करते हैं।
वर्जन-
अभी तक सर्वोच्च न्यायालय ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए स्टे दे रखा था। अब स्टे नहीं है तो नियमों के साथ कार्रवाई की जाएगी। अंबाला में करीब 14 मामलों में कार्रवाई होती है।
-रोहित चौहान, डीटीपी