अंबाला सिटी। कर्ज में डूबे दो बच्चों के पिता काजीवाड़ा निवासी अजय पुरी उर्फ आशु ने बुधवार देर रात करीब डेढ़ फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। अचानक आंख खुली तो पत्नी ने उसे लटके देखा। आनन-फानन में फंदा काटकर परिवार उसे ट्रामा सेंटर लाया लेकिन वह रास्ते में ही दम तोड़ चुका था। डॉक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया।
मोर्चरी में रखे शव का कोरोना टेस्ट नेगेटिव आने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक की पत्नी कामिनी के ब्यानों पर कोतवाली थाने में जंडली के कल्लू, सचिन पुनिया, जगाधरी गेट पर फ्रूट और फास्ट फूड की दुकान करने वाले मन्नी बिंद्रा, नहान हाउस वासी विजय रत्ता और पटेल रोड वासी भाटिया पर धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) का केस दर्ज किया गया। वीरवार देर शाम रामबाग श्मशानघाट में दाह संस्कार कर दिया गया।
घर की रजिस्ट्री और एक्टिवा गिरवी रखकर लिया था कर्ज
मृतक की पत्नी कामिनी ने बताया कि करीब आठ साल पूर्व अजय पुरी से शादी हुई थी। पास सात साल की बेटी यशिका और ढाई साल का बेटा है। मेहनत मजदूरी करने वाला अजय कोरोना लॉकडाउन में काम न मिलने से परेशान चल रहा था। इस बात का जिक्र उसने माता सत्यादेवी और छोटे भाई सतीश डाटा से भी किया। इसके बाद उसने अपने घर की रजिस्ट्री जोकि उसकी मां सत्या के नाम थी और एक्टिवा जोकि पत्नी के नाम थी को जंडली के कल्लू के पास गिरवी रखकर पैसे लिए। इतना ही नहीं पत्नी और मां के नाम दो-दो लाख की दो एफडी भी थी जिसे उसने सचिन पुनिया को देकर ब्याज पर पैसे लिए। जगाधरी गेट पर जूस और फास्टफूड का काम करने वाले मन्नी बिंद्रा और पटेल रोड वासी भाटिया को चेक और मोबाइल देकर भी ब्याज पर पैसे लिए थे। नहान हाउस वासी विजय रत्ता ने इन्हीं बातों को लेकर अजय से मारपीट की थी। सभी पैसे मांगते थे लेकिन न दे पाने के कारण मृतक परेशान रहता था। आरोपियों ने पहले भी कई बार झगड़ा किया।
घटना में पांच लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-रामकुमार, इंस्पेक्टर अंबाला शहर थाना।