फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुदामा की गरीबी का कारण उनका स्वार्थपूर्ण कार्य : गौरी

विज्ञापन
नारायणगढ़ के दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा पतरेहड़ी गांव में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद स
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

नारायणगढ़। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से पतरेहड़ी गांव में आयोजित श्रीहरि कथामृत के अंतिम दिन साध्वी गौरी भारती ने प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि सुदामा की गरीबी का कारण उनका स्वार्थपूर्ण कार्य था। उन्होंने श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता के बारे में बताया कि दोनों बचपन में गुरुकुल में साथ पढ़ते थे और गहरे दोस्त थे, लेकिन गुरुकुल के बाद दोनों अलग-अलग रास्तों पर चले गए। जहां कृष्ण राजा बन गए, वहीं सुदामा गरीब ब्राह्मण के रूप में जीवन व्यतीत करने लगे और पत्नी के बार-बार कहने पर वे अपने मित्र श्रीकृष्ण से मदद मांगने द्वारका गए। लेकिन महल के द्वारपालों ने उन्हें महल में प्रवेश नहीं करने दिया, जब श्रीकृष्ण को पता चला तो वे दौड़े-दौड़े चले आए।
विज्ञापन

श्रीकृष्ण अपने मित्र की हालत देखकर भावुक हो जाते हैं और आंसुओं से सुदामा के पैर धोते हैं। कथा के अंत में साध्वी बहनों द्वारा भावपूर्ण भजनों से श्रद्धालुओं को कृतार्थ किया। कथा के बाद साध्वी बहनों को रामपाल फौजी और तारा चंद फौजी के परिवार द्वारा सम्मानित किया गया। कथा के अंत में प्रसाद की सेवा रमेश राणा द्वारा दी गई।

नारायणगढ़ के दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा पतरेहड़ी गांव में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद स

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें