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Ambala News: ट्रेन से मानव तस्करी करने का मुख्य आरोपी सुबोध मांझी गिरफ्तार

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अंबाला। ट्रेन से मानव तस्करी करने वाले मुख्य आरोपी सुबोध मांझी को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। आरोपी बिहार वैशाली का रहने वाला है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद शनिवार को जेल भेज दिया है। वहीं बच्चों के परिजनों को बुलाकर पूछताछ शुरु की गई है ताकि अन्य तस्करों व बच्चों के बार में भी पूरी जानकारी मिल सके कि इस खेल में कौन-कौन लोग संलिप्त हैं।
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वीरवार को रेस्क्यू किए थे 15 बच्चे

बाल कल्याण समिति ने जीआरपी व आरपीएफ के सहयोग से कैंट रेलवे स्टेशन पर वीरवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए बाल तस्करी का भंडाफोड़ किया था। टीम ने ट्रेन नंबर 12407 कर्मभूमि एक्सप्रेस में दबिश देकर बिहार से पंजाब ले जाए जा रहे 15 बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया वहीं इस मामले में मुख्य आरोपी सुबोध मांझी के खिलाफ नए कानून भारतीय न्याय संहिता में मानव तस्करी की धारा 146 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।



ई-मेल से खुला तस्करी का राज

जिला युवा विकास संगठन अंबाला के कार्यक्रम समन्वयक अजय तिवारी को जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस के माध्यम से एक गुप्त ई-मेल मिला था। ई-मेल में सूचना दी गई थी कि कर्मभूमि एक्सप्रेस के अलग-अलग डिब्बों में काफी संख्या में बच्चों को बंधुआ मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा है। 14 मई की शाम करीब 7:30 बजे जैसे ही कर्मभूमि एक्सप्रेस कैंट स्टेशन पर पहुंची तो टीम ने ट्रेन को घेरकर सघन चेकिंग चलाया और बच्चों को रेस्क्यू किया।
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माता-पिता को दिया था 10 हजार का लालच

बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चों की काउंसलिंग की गई, तो चौकाने वाले खुलासे हुए। पांच बच्चों, जिनकी उम्र 12 से 15 साल के बीच थी। उन्होंने बताया कि टुनटुन नाम के एक शख्स ने बिहार में उनके गरीब माता-पिता को बहलाया-फुसलाया था। टुनटुन ने परिजनों को प्रति बच्चा 10,000 रुपये महीना दिलाने का लालच दिया था और उन्हें सुबोध मांझी के साथ ट्रेन में भेज दिया। आरोपी सुबोध इन सभी बच्चों को पंजाब के लुधियाना स्थित एक राइस मिल फैक्टरी में बाल मजदूरी कराने के लिए ले जा रहा था।



ज्यादातर बच्चे कभी स्कूल नहीं गए

काउंसलिंग रिपोर्ट में सामने आया कि छुड़ाए गए 15 बच्चों में से 4 बच्चे कभी स्कूल ही नहीं गए, जबकि एक बच्चा केवल दूसरी कक्षा तक पढ़ा है। तस्कर बच्चों के इसी सीधेपन और उनके परिवारों की गरीबी का फायदा उठा रहे थे। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक हरीश कुमार ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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