कालेजों व स्कूलों के बाहर बने बस स्टॉप्स पर बसें न रोकने के मामले में सोमवार को एसडी कालेज के बाहर छात्रों ने एकजुट होकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने न केवल जीएम रोडवेज का पुतला फूंका, बल्कि रोडवेज व आरटीए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।छात्र हाइवे पर जाम भी लगाना चाहते थे, लेकिन भनक लगते ही एसीपी जगदीश दून व कैंट, बलदेवनगर व महेशनगर थानों के एसएचओ मौके पर पहुंच गए और उन्होंने छात्र व छात्र नेताओं को समझाकर मामला शांत करवाया। छात्रों की मांग पर रोडवेज के वक्र्स मैनेजर एमके शर्मा पर मौके पर पहुंचे और उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि वे सरकार बसें अपने स्टॉप्स पर जरूर रूकेंगी। प्राइवेट बसों के आवागमन पर चूंकि आरटीए विभाग का नियंत्रण है, इसलिए छात्रों को आरटीए विभाग के अफसरों से बात करनी पड़ेगी। छात्रों ने इस पर तनिक देर न की और वे एसडी कालेज के समने मोर्चा छोड़ा और सीधे बस स्टैंड पर स्थित आरटीए दफ्तर पहुंच गए। वहां भी छात्रों ने जमकर हंगामा। लेकिन छात्रों के गुस्से को देखते हुए आरटीए विभाग के अफसरों ने उन्हे आश्वस्त किया कि वे प्राइवेट बसों को निर्देश देंगे कि वे पास धारक छात्रों को बसों में जरूर बिठाए। छात्रों ने बकायदा आरटीए अफसरों के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
ये आती है छात्रों के दिक्कतछात्र नेता कुलदीप पूनिया, करण सरना व ललित सैनी ने बताया कि इस समस्या से सिर्फ एसडी कालेज नहीं, बल्कि अन्य शैक्षणिक संस्थानों के पास धारक छात्र बहुत ज्यादा परेशान है। छात्रों को देखकर रोडवेज व समिति बसों (प्राइवेट) के चालक बस स्टाप्स पर बसें ही नहीं रोकते। छात्र हाथ देकर बस रोकने का इशारा करते रहते हैं, लेकिन बस चालक तेज गति से बस निकालकर ले जाते है। छात्रों को कई बार तो दौड़कर बसों को पकडना पड़ता है। लेकिन समिति की बसें यदि रूक जाएं तो वे पास धारक छात्रों को बसों में बिठाती ही नहीं है, जबकि नियमानुसार पासधारक छात्र समिति की बसों में भी यात्रा कर सकते हैं। छात्रों ने कहा कि वे कई बार इस बारे में आग्रह कर चुके थे, लेकिन न तो व्यवस्था सुधरी और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। इसलिए मजबूरन उन्हे हंगामा करना पड़ा।