जिले में लावारिस कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। आए दिन कुत्ते शहरवासियों को जख्मी कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह हैं। यही कारण है कि शनिवार को एकबार फिर गांव नग्गल में कुत्ते ने घर के बाहर निकली डेढ़ साल की मासूम बच्ची को लहूलुहान कर दिया। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए छावनी के प्राइवेट अस्पताल लाइफ लाइन लाया गया, जहां से डॉक्टर ने उसे छावनी नागरिक अस्पताल भेज दिया। यहां पर बच्ची को प्राथमिक उपचार मिला। लेकिन कोई विशेषज्ञ नहीं होने के कारण परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए।
गांव नग्गल में कुत्ते ने घर के बाहर निकली डेढ़ साल की मासूम बच्ची अनवी पर हमला कर आंख में पंजा मार दिया। बच्ची संभल पाती कि कुत्ते ने होंठ के पास भी नोंच लिया। रोने की आवाज सुनते ही परिजनों सहित स्थानीय लोगों का जमावड़ा लग गया। छावनी नागरिक अस्पताल में बच्ची को एंटी रेबीज टीका लगाया गया। आंख में पंजा लगने के कारण सूजन आ गई। डॉक्टरों का कहना था कि दवा दे दी गई है, फिर भी आंख से सूजन हटने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि चोट कितनी लगी है। परिजन अजय का कहना था कि वह सभी घर में बैठे हुए थे और बच्ची अचानक गेट खुला देखकर बाहर निकल गई। इतने में वह खेल रही थी कि कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया।
रोजाना अस्पतालों में आ रहे करीब 70 नए व पुराने मामले
जिलेभर के सीएचसी, पीएचसी, नारायणगढ़, अंबाला शहर व छावनी नागरिक अस्पताल की बात करें तो चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आता है। प्रतिदिन अस्पतालों में एंटी रेबीज की वैक्सीन लगवाने के लिए करीब 70-75 लोग आते हैं। इनमें से कुछ पुराने तो कुछ नए केस शामिल होते हैं।
रणजीत नगर में भी पागल कुत्ते ने नोंचा था बच्ची के मुंह
अंबाला शहर के रणजीत नगर में भी एक पागल कुत्ते ने गत वर्ष एक बच्ची को अपने जबड़े में नोंच लिया था। लोगों ने शोर सुना तो मौके पर पहुंचे और डंडों से मारने के बाद किसी तरह से बच्ची को छुड़वाया था। बाद में सभी ने मिलकर कुत्ते को मार डाला था।
पागल कुत्ते ने एक साल 20 लोगों को नोंचा था
अंबाला शहर के नया बांस में पागल कुत्ते ने एक साथ बीच लोगों को काट लिया था। उस समय भी लोग गली में घुम रहे कुत्ते से पूरी तरह बेखबर थे। एक के बाद एक कुत्ते ने 20 लोगों को अपना शिकार बनाया।
कुत्तों को पकड़ने के लिए नसबंदी का टेंडर दिया गया है। इसके तहत अभी तक करीब 3500 कुत्तों की नसबंदी भी करवा चुके हैं। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
मंदीप सिंह, सहायक सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम