अंबाला। अमेरिका के नागरिकों को करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए एसटीएफ की टीमों ने वीरवार को गुरुग्राम और पंचकूला में कई ठिकानों पर छापे मारे, इस दौरान टीम के हाथ कोई सफलता हाथ नहीं लगी। इतना ही नहीं अब इस मामले को अंबाला के साथ सोनीपत एसटीएफ की टीम भी हल करेगी। जांच के दौरान यह पाया गया कि पंचकूला का कमल और गुरुग्राम के रहने वाले राहुल जिसे पुलिस ने पहले ही दिन पकड़ लिया था दोनों ने मिलकर अंबाला के काल सेंटर में युवाओं की भर्ती की थी। यहां भर्ती होने वाले युवाओं को करीब एक सप्ताह की अंग्रेजी बोलने और किस तरह से अमेरिका के नागरिकों के साथ बात करनी है उसकी स्क्रिप्ट लिखकर दी जाती थी।
पंचकूला का कमल आरोपी कुणाल को आईपी एड्रेस भेजता था। कुणाल घूंघट पैलेस में चल रहे कॉलिंग सेंटर का सारा सेटअप देखता था। चिंतन अकाउंट से जुड़े काम देखता था। आईपी एड्रेस आने के बाद कुणाल उससे लॉगिन करके मोबाइल नंबर निकाल लेता था और फिर उन नंबरों पर कॉलिंग सेंटर में बैठे युवा वीआईसीआई डायलर के माध्यम से कॉल करके अमेरिका के लोगों को झांसे में लेकर उनसे ठगी करते थे। अभी इस मामले में पंचकूला का कमल पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
बता दें कि हरियाणा से केवल कमल और राहुल जोकि भोंडसी गुरुग्राम का रहने वाला है यही जुड़े हुए थे जबकि जो युवा काल सेंटर में काम करते थे वह महाराष्ट्र, नागालैंड, राजस्थान और गुजरात इत्यादि राज्यों के रहने वाले थे। बता दें कि मास्टर सर्वर कमल के पास ही है जिसे अभी तक पुलिस काबू नहीं कर पाई है। उधर पुलिस ने घूंघट पैलेस से बरामद कंप्यूटर व अन्य सामान को सील कर दिया है। इन कंप्यूटर में तमाम ट्रांजेक्शन और किन लागों से बातचीत की गई उसका रिकॉर्ड मौजूद है।
पेमेंट गेटवे का करते थे आरोपी प्रयोग
शातिर अमेरिका के नागरिकों को उनके एमेजन अकाउंट या बैंक अकाउंट में संदिग्ध ट्रांजेक्शन की बात कहकर या एमेजन से गिफ्ट वाउचर इत्यादि खरीदवाने के बहाने उनसे ओटीपी या गिफ्ट वाउचर के कोड पता करके उनसे खाते में ट्रांजेक्शन करवाते। इसके बाद अमेरिका में बैठा गिरोह का सदस्य पेमेंट गेटवे के माध्यम से पूरी राशि को इंडिया में भेजता जिसे आरोपी बैंक से निकलवाकर कंपनी में रखे गए कर्मचारियों को वेतन, काल सेंटर का किराया व अन्य खर्च करते थे। पेमेंट गेटवे बैंक और उपभोक्ता के बीच की कड़ी होती है। इससे उपभोक्ता को सीधे तौर पर यह पता नहीं चलता कि उसका पैसे कहां ट्रांसफर हुआ है। माना जा रहा है कि इसी पेमेंट गेटवे के कारण अमेरिका के नागरिकों को यह लगता था कि उनके पेमेंट उनके देश में ही किसी अकाउंट में ट्रांसफर हो रही है।
अभी इस मामले की हम तफ्तीश कर रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापे मारे गए हैं। घूंघट पैलेस के मालिक को भी बुलाया गया था। आगे भी उन्हें जब भी जरूरत होगी जांच में शामिल किया जाएगा। अभी यह जांच का विषय है कि आरोपी कहां-कहां से धंधा चला रहे हैं।
-कुलभूषण, डीएसपी, एसटीएफ अंबाला