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कुत्तों की नसबंदी : एक साल में खर्चे 69.90 लाख पर खतरा बरकरार

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अंबाला सिटी। नगर निगम ने आवारा कुत्तों की नसबंदी में पिछले वित्तीय वर्ष में 69.90 लाख रुपये खर्च कर दिए। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद शहरवासियों को आवारा कुत्तों की समस्या से निजात नहीं मिल पाई है। इस बार इस कार्य के बजट को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये प्रस्तावित किया जा रहा है।
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आवारा कुत्तों की समस्या ही नहीं बल्कि शहर की कई अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए नगर निगम की ओर से पिछले वित्तीय वर्ष में करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बाद भी शहर में ये समस्याएं अपनी जगह बरकरार हैं। इस बार फिर बजट बैठक में इन समस्याओं को दूर करने के लिए बड़ा बजट देने की तैयारी है। इन समस्याओं में आवारा कुत्तों की समस्या, शहर की सफाई, निगम के वाहनों का रखरखाव और सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहन भी शामिल हैं। इसी तरह शहर के पार्कों की मरम्मत व रखरखाव के लिए बजट बढ़ाया गया है।


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निगम कार्यालय की रिपेयर और रखरखाव के लिए बढ़ाया बजट

- मेकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन के रखरखाव के लिए 1. 75 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च की गई। यह बजट कम किया गया है। इसे 1.15 करोड़ रखा गया है।
- निगम की ओर से हॉयर किए गए वाहन, ट्रैक्टर, टॉली व अन्य रखरखाव को लेकर 2.48 करोड़ खर्च किए गए। यह प्रस्तावित बजट अब दो करोड़ रखा गया है।


- निगम कार्यालय भवन के रखरखाव व रिपेयर के लिए 36.55 लाख से बढ़ाकर प्रस्तावित बजट एक करोड़ किया गया है।



- शहर के पार्क की रिपेयर व रखरखाव पर 1.50 करोड़ से ज्यादा बजट खर्च हुआ। इसे तीन करोड़ प्रस्तावित किया गया है।



- निगम ने इस बार पब्लिक पार्किंग, स्टेडियम की रिपेयर व रखरखाव के लिए भी 20 लाख का बजट रखा है।



- शहर के सामुदायिक भवन की हालत को सुधारने के लिए भी तीन करोड़ का बजट रखा गया है।



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कोट्स

रोड स्वीपिंग मशीन गाड़ी की हो वीडियोग्रॉफी : मेघा गोयल
वार्ड - 91 की पार्षद मेघा गोयल का कहना है कि बजट बैठक में कई मुद्दों को उठाया जाएगा, क्योंकि निगम अधिकारी वायदे करते हैं, मगर उनको पूरा नहीं किया जाता। रोड स्वीपिंग मशीन गाड़ी के लिए रोजाना 100 लीटर तेल खर्च किया जा रहा है। इस हिसाब से यह 400 किलोमीटर प्रतिदिन चलनी चाहिए, मगर चलती कहां है, यह बताया जाए। किस वार्ड में कब और कितने किलोमीटर चलाई गई, इसकी वीडियोग्रॉफी भी होनी चाहिए। यह पैसा देने से पहले वार्ड पार्षद से संतुष्टि पत्र लेना चाहिए। वह भी नहीं लिया जाता। शहर में आवारा कुत्तों की भरमार है। कितने आवारा कुत्ते पकड़े गए और कितने की नसबंदी की गई। यह आंकड़ा दिया जाए। यह मुद्दे बजट बैठक में उठाए जाएंगे।
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वर्जन



शहर के विकास के लिए नई-नई योजनाएं बनाई जाएंगी और कई समस्या से छुटकारा दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी के दिशा निर्देश में कल्याणकारी नीतियों को गति देने के लिए निगम का प्रस्तावित बजट बनाया गया है। - शैलजा सचदेवा, मेयर, नगर निगम।
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