इंद्री। युवा कराटे खिलाड़ी खुशहाल ने महज नौ साल की उम्र में अभ्यास शुरू कर 15 पदक अपने नाम किए हैं। इंद्री के जनेसरों गांव के रहने वाले खुशहाल का लक्ष्य 2028 और 2032 के ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करना है।
खुशहाल ने साल 2021 में कराटे खेलना शुरू किया था। वह इस समय दसवीं कक्षा के छात्र हैं और पढ़ाई में भी आगे हैं। उनके पिता कर्मसिंह किसान हैं और माता सुनीता गृहिणी हैं। खुशहाल को गांव के राजकीय स्कूल में पढ़ाई के दौरान समोरा के एक निजी स्कूल में कराटे कोच के बारे में जानकारी मिली। परिवार ने उनकी रुचि को देखते हुए प्रशिक्षण दिलवाया। तब से वह हर प्रतियोगिता से पदक जीत रहे हैं। उनके कोच के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से वह निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
सफलता का सफर
खुशहाल ने जिला स्तरीय इंटर स्कूल प्रतियोगिताओं में 15 स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक जीते हैं। उनके स्कूल के शिक्षक उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हैं। वे खेल के कारण छूटने वाली पढ़ाई के लिए विशेष सुविधाएं व अतिरिक्त समय देते हैं। खुशहाल के पिता उन्हें हर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के लिए हौसला देते हैं। खुशहाल का कहना है कि अभ्यास के दौरान लगने वाली चोटें उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा देती हैं।
उपलब्धियां-
2022 में प्रदेश स्तरीय ओपन कराटे प्रतियोगिता में रजत पदक।
2023 में कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया कांस्य पदक।
2025 में खेल महाकुंभ में जिला व राज्य स्तर पर शीर्ष 8 में चयन।