अंबाला। रिदमिक इवेंट में क्वालीफाई करने के बाद पदक की दौड़ से बाहर होने पर खिलाड़ियों के आंसू छलक पड़े। खेलो इंडिया यूथ गेम्स से बाहर होने पर खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी कमी को समझा और भविष्य में उस पर काम कर अगली प्रतिस्पर्धा में बेहतर करने का प्रण लिया। हारने वालों में कोई पहली बार तो कोई दूसरी बार गेम्स का हिस्सा बनी थी।
फाउल के कारण मेडल से चूकी
खेलो इंडिया पहली बार खेली थी। सभी इवेंट में क्वालीफाई भी किया, लेकिन फाउल के कारण मेडल से चूक गई। अपनी कमी को समझा गई हूं और उसी पर मेहनत कर उसे दूर करूंगी।
ध्रुवी, हरियाणा
समय पर पिकअप नहीं हो पाया
तैयारी तो पूरी थी, लेकिन कहीं न कहीं स्टेमिना की कमी खली। जो करना चाह रही थी वो समय रहते पिकअप नहीं हो पाया। प्रतिस्पर्धा से काफी कुछ सीखने को मिला। आगे सुधार के बाद ही मैदान में उतरेंगे।
शेओली, वेस्ट बंगाल
वीडियो देखकर करूंगी कमी पूरी
हार से निराशा तो है लेकिन सबक भी लिया है। इवेंट का वीडियो बनवाया है। घर जाकर वीडियो देखकर पता लगाऊंगी कि आखिर कहां कमी है। दूसरों की वीडियो से भी काफी कुछ सीखने को मिलेगा।
अंकुशा घोष, वेस्ट बंगाल