अंबाला। विकास एवं पंचायत विभाग मंत्री हरियाणा देवेंद्र सिंह बबली ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बेहतर समन्वय के साथ विकास कार्यों में तेजी लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि गांवों में विकास की दृष्टि से जो विकास कार्य किए जा रहे हैं, पंचायत विभाग के अधिकारी उनमें और तेजी लाएं। अधिकारी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। आमजन में विकास कार्यों को लेकर सरकार व प्रशासन के प्रति विश्वास पैदा होना चाहिए, इसको ध्यान में रखते हुए कार्य करवाएं। देवेंद्र सिंह बबली बुधवार को पहली बार मंत्री बनने के बाद अंबाला पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से दूरी अपनाई।
वहीं पंचायत भवन अंबाला शहर के सभागार में पंचायत विभाग व अन्य संबधित विभाग के अधिकारियों के साथ ग्रामीण विकास योजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने ग्रामीण विकास योजनाओं के दृष्टिगत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन योजना, दीन दयाल अंत्योदय योजना (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) सांसद आदर्श ग्राम योजना, विधायक आदर्श ग्राम योजना, संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, एकीकृत जल प्रबंधन कार्यक्रम व अन्य इससे जुड़ी योजनाओं बारे विस्तार से समीक्षा करते हुए जानकारी हासिल की। सीईओ जिला परिषद जगदीप सिंह ढांडा ने इन योजनाओं के दृष्टिगत की गई प्रगति के बारे में पंचायत मंत्री को विस्तार से अवगत करवाया।
विकास एवं पंचायत विभाग मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि इस कार्य में धरातल पर कार्य करना है। इस कार्य के लिए गांव व शहरों के मौजिज लोगों, एनजीओ, एक्स सर्विसमेन, यूथ क्लब, सेल्फ हेल्प ग्रुप, आंगनबाड़ी, नंबरदार, पूर्व में रहे जन प्रतिनिधियों व निवर्तमान जन प्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी को साथ लेकर इस कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी है। हर नागरिक का अपना कर्तव्य बनता है कि उसका गांव व शहर साफ-सुथरा हो। उन्होंने उदाहरण के तौर पर अपने विधानसभा टोहाना का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पर इस कार्य को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह है। सभी लोग मिलकर इस कार्य को बेहतर तरीके से कर रहें हैं। 13 से 16 फरवरी तक वे स्वयं गांवों में जाकर इस कार्य की वास्तविकता को देखेंगे।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने पंचायत मंत्री को आश्वस्त किया कि जिले में 13 से 16 फरवरी तक एक विशेष मुहिम चलाकर स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य किया जाएगा। इसमें सभी की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। पंचायत मंत्री ने गांवों में तालाबों के माध्यम से खेती के लिए प्रयोग हो रहे पानी की गुणवत्ता का ध्यान रखने के बारे में कहा। उन्होंने कहा कि समय-समय पर पानी की गुणवत्ता के पैरामीटर चैक किया जाएं ताकि उपजाऊ भूमि पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। उन्होंने महा सफाई अभियान के तहत संबंधित अधिकारियों को यह भी कहा कि गांवों में जो भी सड़कें है, उनकी भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए।
पंचायत मंत्री ने समीक्षा बैठक के क्रम में यह भी कहा कि विकास कार्यों से संबंधित जितने भी विकास कार्य करवाए जा रहे है, उन्हें जियो टैगिंग प्रक्रिया से जोड़ा गया है। इसलिए पंचायत विभाग के अधिकारी इन कार्यों को बेहतर समन्वय के साथ करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पंचायत की जितनी भी प्रॉपर्टी है, उसका खाका तैयार करें। भवन की भी डिटेल रखें, ताकि इन कार्यों के दृष्टिगत यदि नवीनीकरण या सुंदरीकरण करवाया जाना है तो उसके लिए बजट उपलब्ध करवाया जा सकें।