अंबाला। छावनी रेल यार्ड से 27 जून को धागा लेकर बांग्लादेश के लिए निकली स्पेशल पार्सल ट्रेन 9 दिन बीतने के बाद सिर्फ वाराणसी तक ही पहुंच पाई है। ट्रेन ने लगभग एक हजार किलोमीटर का सफर पूरा किया है, वहीं 712 किलोमीटर का सफर अभी बाकी है। वहीं व्यापारी बांग्लादेश में माल पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में अब रेलवे अधिकारियों के भी पसीने छूट गए हैं क्योंकि रेलवे अधिकारियों ने पत्रकार वार्ता में दावा किया था कि ट्रेन 5-6 दिन में बॉर्डर तक पहुंच जाएगी। स्पेशल पार्सल ट्रेन के 20 कोच में 486 टन धागा भेजा गया है।
वरिष्ठ वाणिज्य अधिकारी फ्रेट विवेक शर्मा के मुताबिक बेनोपाल में कंजक्शन होने के कारण ट्रेन अभी वाराणसी के पास खड़ी है। उम्मीद है कि जल्द ही ट्रेन बॉर्डर तक पहुंच जाएगी। ट्रेन ऑपरेशन के संबंध में संबंधित विभाग ही स्पष्ट जानकारी दे सकता है। निदेशक/ सीईओ एमजीएच इंडिया हिमांशु पंत का कहना है कि छावनी रेल यार्ड से बांग्लादेश के लिए चली ट्रेन को पहुंचने में कम से कम 10 दिन का समय लगेगा। सड़क मार्ग से सामान भेजने में 22 दिन और समुद्र मार्ग से 45 दिन का समय लगता था। रास्ता लंबा है, इस कारण रास्ते में कुछ समस्या हो सकती है। इस संबंध में कई बार रेलवे अधिकारियों से भी संपर्क किया गया, लेकिन ट्रेन के संबंध में कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई। संवाद
13 नवंबर 2020 को भेजे थे 95 ट्रैक्टर
अंबाला मंडल ने 13 नवंबर 2020 को पहली बार छावनी जंक्शन से बांग्लादेश के लिए ट्रैक्टरों की खेप को रवाना किया था। ये ट्रैक्टर विशेष मालगाड़ी से रेल यार्ड से बांग्लादेश के लिए रवाना हुए थे। सोनालिका ट्रैक्टर ने एनएमजी रैक में 95 ट्रैक्टरों को माल शेड अंबाला से बेनापोल के लिए परिवहन किया। रेलने भेजे गए ट्रैक्टरों से 19.7 लाख का राजस्व अर्जित कियाथा।
वर्जन
अंबाला से बांग्लादेश जाने वाली ट्रेन 5-6 दिन में बॉर्डर तक पहुंच जाती है। कस्टम क्लीयरेंस में कुछ समय लग जाता है। अगर ट्रेन बीच रास्ते कहीं अटकी है तो जानकारी लेकर ही कुछ बताया जा सकता है। - गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक