अंबाला। रेलवे ने बिजली खपत को लेकर अपनी नीति में बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड ने एक नया आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि अब रेलवे के सभी संस्थानों, जिनमें रेलवे स्टाफ क्वार्टर भी शामिल हैं, स्मार्ट मीटर या प्रीपेड मीटर लगाना अनिवार्य होगा।
इस कदम का उद्देश्य बिजली बिलिंग में पारदर्शिता लाना और ऊर्जा निगरानी को केंद्रीकृत करना है। विभाग की ओर से मंडल प्रबंधकों को तुरंत प्रभाव से व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार, 3 जून 2020 की पिछली नीति को निरस्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत, उन सभी स्थानों पर जहां रेलवे बिजली शुल्क वसूलता है, जैसे रेलवे स्टाफ क्वार्टर, वेंडर, निजी ठेकेदारों के कार्यालय, रेस्त्रां और यूनियन कार्यालय, वहां स्मार्ट या प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। गौर करने वाली बात यह है कि पिछली नीति में रेलवे स्टाफ क्वार्टरों को इस दायरे से बाहर रखा गया था, लेकिन अब उन्हें भी इसमें शामिल कर लिया गया है। संवाद