शहर के मॉडल टाउन स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में आयोजित सत्संग के दौरान मौजूद श्रद
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में हुआ साप्ताहिक सत्संग
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। शहर के मॉडल टाउन स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में साप्ताहिक सत्संग हुआ। दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी नैतिकता भारती ने प्रवचन दिया। उन्होंने ईश्वरीय कृपा और मानव पुरुषार्थ के संतुलन व महत्व पर प्रकाश डाला।
नैतिकता भारती ने बैंक लॉकर का उदाहरण दिया। उन्होंने समझाया कि लॉकर खोलने के लिए मैनेजर और ग्राहक दोनों की चाबियां चाहिए। ठीक वैसे ही कृपा और पुरुषार्थ रूपी चाबियां एक साथ मिलने पर भाग्य के द्वार खुलते हैं। इससे मनुष्य धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की सिद्धि कर पाता है। उन्होंने कहा कि केवल कृपा की उम्मीद में बिना कर्म किए बैठना व्यर्थ है। अहंकारवश केवल स्वयं को कर्ता मानकर किया गया पुरुषार्थ क्षणिक सफलता देता है। यह अंततः असंतोष ही पैदा करता है।
गुरु कृपा का महत्व
साध्वी ने बताया कि पूर्ण गुरु के आगमन से पुरुषार्थ को सही दिशा मिलती है। यह ब्रह्मज्ञान के माध्यम से संभव होता है। गुरु कृपा से साधक भक्ति, ज्ञान और कर्म योग को साधता है। वह संसार में निष्काम भाव से अपने कर्तव्यों का पालन करता है। सत्संग का समापन मधुर भजनों और सामूहिक ध्यान-साधना के साथ हुआ।