अंबाला। जनगणना ड्यूटी में लगे उन शिक्षकों को राहत मिली है जो कैंसर, शुगर और बीपी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।नगर परिषद के अधिकारियों ने मानवीय आधार पर बड़ा निर्णय लेते हुए बीमार शिक्षकों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। अब उनके स्थान पर स्वयं सेवकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्हें बाकायदा प्रशिक्षण देकर धरातल पर उतारा जा रहा है।
दस्तावेज देख किया फैसला : दरअसल, 1 मई से शुरू हुए मकान सूचीकरण के प्राथमिक चरण में कई ऐसे शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई थी, जो चलने-फिरने या लंबे समय तक बाहर रहने में असमर्थ थे। ऐसे दर्जनों शिक्षकों ने नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से गुहार लगाई। किसी ने कैंसर के इलाज से जुड़े दस्तावेज पेश किए, तो किसी ने हाई बीपी, गंभीर शुगर और सर्वाइकल की मेडिकल रिपोर्ट दिखाई। शिक्षकों का कहना था कि बीमारी के कारण वे ऑनलाइन जनगणना के तकनीकी और भागदौड़ भरे काम को पूरा करने में असमर्थ हैं।