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अब सुषमा स्वराज के नाम से मशहूर होगा अंबाला बस अड्डा, कॉलेज का भी होगा नामकरण

Sun, 16 Feb 2020 11:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला सिटी ( हरियाणा)
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सुषमा स्वराज (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने कहा कि अंबाला शहर का बस अड्डा प्रदेश का पहला ऐसा बस अड्डा है जिसका नाम पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के नाम पर रखा गया है। अब यह बस अड्डा सुषमा स्वराज बस अड्डा के नाम से जाना जायेगा। प्रदेश में अगले 6 महीने में 1500 नई बसें शामिल की जायेंगी, जिनमें पिंक बसें व वोल्वो भी शामिल हैं।

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परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने अंबाला शहर के नवनिर्मित बस अड्डे का नामकरण करने के उपरांत लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। इससे पहले यहां पंहुचने पर पुलिस की एक टुकड़ी ने परिवहन मंत्री को सलामी दी। मंत्री ने कहा कि 18 करोड़ रुपये की लागत से इस बस स्टैंड का निर्माण कार्य किया गया है। बहन सुषमा स्वराज के नाम से बस स्टैंड का नामकरण किया गया है जोकि गर्व की बात है।

बल्लभगढ़ में महिला कॉलेज का नाम रखा जाएगा सुषमा स्वराज
उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज एक राजनैतिक यूनिवर्सिटी रही हैं, उन्होंने देश को बहुत बड़े नेता, सांसद दिए हैं। विपक्ष में रहते हुए भी उन्होंने देश व प्रदेश के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। पूरी दुनिया व देश उनके द्वारा किए गये कार्यों से भली-भांति परिचित है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आज उनके नाम से बस स्टैंड का नाम रखा गया है, उसी प्रकार बल्लभगढ़ में भी बहुत बड़े महिला कॉलेज का नाम भी सुषमा स्वराज के नाम से रखा जायेगा।
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बसें गरीब वर्ग का जहाज
प्रदेश में वर्तमान समय में रोडवेज में 3600 बसें हैं, जिनमें से 3200 बसें रोड पर चल रही हैं। समय के अनुरूप प्रदेश में 4500 बसों की जरूरत है। बसें गरीब वर्ग का जहाज हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर से बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किये जा रहे हैं।

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ओवरलोडिंग पर कसेगा शिकंजा

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में किसी भी सूरत में अवैध खनन, ओवरलोडिंग बर्दाशत नहीं की जायेगी। अधिकारियों को इन विषयों पर नकेल कसने के लिये निर्देश दिये गये हैं तथा अधिकारी भी इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। इस दौरान विधायक असीम गोयल ने मंत्री का आभार व्यक्त किया।
 
साथ ही उन्होंने एक कविता के माध्यम से कहा कि ये मीरा की अमर भक्ति है, जो कभी मर नहीं सकती, ये झांसी की रानी है, कभी डर नहीं सकती, गीता-बबीता, सानिया, ये सब बेटियां ही हैं, कौन कहता है कि बेटियां कुछ कर नहीं सकती, वर्तमान में लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुषमा स्वराज के जन्मदिवस के अवसर पर हर वर्ष वह कन्या पूजन दिवस के रूप में मनाते हैं, जिनमें गरीब लड़कियों का विवाह करने का काम किया जाता है।

सुषमा स्वराज के भाई ने ताजा की यादें
सुषमा स्वराज के बड़े भाई डॉ. गुलशन शर्मा ने भी अपनी छोटी बहन के साथ बिताए लम्हों का याद किया और उपस्थित श्रोतावृंद को रूबरू करवाया। कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण सभा द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा सभागार
बस स्टैंड परिसर में ही कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें कवियत्री अनामिका अंबर, शशिकांत यादव और कवि मनवीर मधुर ने सामाजिक व्यवस्थाओं का चित्रण करते हुए लोगों को खूब मंत्रमुग्ध किया। वर्तमान व्यवस्थाओं में अध्यात्मिक और सांस्कृतिक व्यवस्था का तारत्मय जोड़ते हुए प्राचीन परिपाटी को भी प्रदर्शित और परिभाषित किया। उनकी कविता पर पंडाल तालियों के साथ गूंज उठा और लोगों ने तालियां बजाकर हंसी के ठहाके लगाए।
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