उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में किसी भी सूरत में अवैध खनन, ओवरलोडिंग बर्दाशत नहीं की जायेगी। अधिकारियों को इन विषयों पर नकेल कसने के लिये निर्देश दिये गये हैं तथा अधिकारी भी इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। इस दौरान विधायक असीम गोयल ने मंत्री का आभार व्यक्त किया।
साथ ही उन्होंने एक कविता के माध्यम से कहा कि ये मीरा की अमर भक्ति है, जो कभी मर नहीं सकती, ये झांसी की रानी है, कभी डर नहीं सकती, गीता-बबीता, सानिया, ये सब बेटियां ही हैं, कौन कहता है कि बेटियां कुछ कर नहीं सकती, वर्तमान में लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुषमा स्वराज के जन्मदिवस के अवसर पर हर वर्ष वह कन्या पूजन दिवस के रूप में मनाते हैं, जिनमें गरीब लड़कियों का विवाह करने का काम किया जाता है।
सुषमा स्वराज के भाई ने ताजा की यादें
सुषमा स्वराज के बड़े भाई डॉ. गुलशन शर्मा ने भी अपनी छोटी बहन के साथ बिताए लम्हों का याद किया और उपस्थित श्रोतावृंद को रूबरू करवाया। कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण सभा द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा सभागार
बस स्टैंड परिसर में ही कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें कवियत्री अनामिका अंबर, शशिकांत यादव और कवि मनवीर मधुर ने सामाजिक व्यवस्थाओं का चित्रण करते हुए लोगों को खूब मंत्रमुग्ध किया। वर्तमान व्यवस्थाओं में अध्यात्मिक और सांस्कृतिक व्यवस्था का तारत्मय जोड़ते हुए प्राचीन परिपाटी को भी प्रदर्शित और परिभाषित किया। उनकी कविता पर पंडाल तालियों के साथ गूंज उठा और लोगों ने तालियां बजाकर हंसी के ठहाके लगाए।