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धर्म के मार्ग पर चलना सिखाती है श्रीराम कथा : विजय काैशल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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पानीपत। कथावाचक विजय कौशल महाराज ने कथा में कहा कि व्यक्ति को हमेशा धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए और इसी का साथ देना चाहिए। श्रीराम कथा हमें जीवन में सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने ये उद्गार श्री बालाजी प्रचार सेवा समिति द्वारा देवी मंदिर में चल रही 18वीं राम कथा अमृत वर्षा में शनिवार को आठवें दिन कहे। कथा व्यास विजय कौशल ने रावण वध और भगवान राम-सीता के मिलन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि विभीषण की सलाह पर भगवान राम ने रावण की नाभि में बाण मारकर उनका वध किया क्योंकि रावण को ब्रह्मा से वरदान प्राप्त था। रावण के वध के बाद भगवान राम ने हनुमान को माता सीता को लाने के लिए अशोक वाटिका भेजा।
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लंबे समय तक रावण के कब्जे में रहने के कारण समाज के समक्ष अपनी पवित्रता सिद्ध करने के लिए माता सीता ने अग्नि परीक्षा दी। समापन पर विजय हुई और भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान पुष्पक विमान द्वारा अयोध्या लौटे। श्रीमद्भागवत कथा से हमें अच्छाई के मार्ग पर चलने और धर्म की जीत का संदेश मिलता है। क्योंकि रावण को उसके अहंकार ने हराया और अपनों द्वारा मिले विश्वासघात ने। यदि हम जीवन में अच्छे कर्म करते हैं तो हमारे साथ भी अच्छा ही होता है। प्रधान संजय मंगला ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्यातिथि महाबीर बंसल, जगदीश जैन, सुरेंद्र जिंदल और अश्विनी जिंदल रहे। कार्यक्रम समापन पर भंडारे की व्यवस्था अभिषेक पालीवाल ने की और मंच संचालन मदन लाल आजाद ने किया। इस अवसर पर जितेंद्र सिंगला, प्रवीण गुप्ता, दीपक बंसल और प्रवीण सिंगला उपस्थित रहे।
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