अंबाला सिटी के श्री सनातन धर्म मंदिर दुर्गा नगर में चल रही श्रीमद भागवत कथा में संबोधन करने कथा व?
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अंबाला सिटी। श्री सनातन धर्म मंदिर दुर्गा नगर में श्रीराधा माधव सेवा मंडल और सनातन धर्म मंदिर कमेटी दुर्गा नगर की ओर से श्रीमद्भागवत का आयोजन किया जा रहा है। कथा के छठे दिन मंगलवार को कथा वाचक प्रेम सागर पथिक ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि अहंकारी रूपी मन को सदा त्यागना चाहिए। मन में कभी भी अहंकार नहीं लाना चाहिए। इंद्र देवता को अहंकार हो गया था। इंद्र देवता अपने अहंकार में भगवान विष्णु के अवतार को भी भूल चुके थे। उनका मानना था कि मेरे समान कोई नहीं है।
भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र का अहंकार एक पल में तोड़ दिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी सी अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी। उसके बाद से ही सभी ब्रजवासियों द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा की गई। कथा के दौरान भगवान को छप्पन भोग लगाए गए। कथा वाचक ने बताया कि सदा परोपकार का भाव रखना चाहिए और सादा जीवन, सादा खाना व्यतीत करना चाहिए। एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। कथा के अंत में राधिका गोरी से बृज की छोरी से, काला रे काला काला रे गुजरी आदि भजनों पर सभी भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूमे। इस अवसर पर मंदिर कमेटी के सुरेंद्र झाम्ब, चंद्र मोहन शुक्ला, पंकज शर्मा, विजय शर्मा, नरेन्द्र मेंदीरत्ता, राजेन्द्र अग्रवाल, धमेन्द्र शर्मा, प्रदीप धमिजा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
सिटी के श्री सनातन धर्म मंदिर दुर्गा नगर में चल रही श्रीमद भागवत कथा में उपस्थित भक्तजन।- फोटो : Ambala