नई अनाज मंडी में बैठक करते हुए खाद व बीज विक्रेता। संवाद
अंबाला सिटी। हरियाणा में पारित नए बीज खाद कानून के विरोध में सोमवार को अंबाला के बीज विक्रेताओं ने भी रोष जताते हुए दुकानें बंद रखीं। जिले में छोटी-बड़ी करीब 800 बीज और खाद विक्रेताओं की दुकानें है। जबकि कुल 1600 लाइसेंस विभाग ने जारी किए हैं।
इसके साथ-साथ कंपनियों की ओर से सभी आर्डर भी होल्ड कर दिए गए हैं। अंबाला सीड पेस्टिसाइड फर्टिलाइजर डीलर एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार गुप्ता ने कहा कि नए कानून में पुलिस की संलिप्तता से दुकानदारों की परेशानी बढ़ेगी।
पहले मिलती थी जमानत
राजकुमार गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक वर्ष कृषि विभाग के अधिकारी बीजों की गुणवत्ता की जांच करते हैं। अगर किसी भी प्रकार की कमी निकलती थी तो मामला कोर्ट के अधीन चला जाता था। इसमें दुकानदारों को जमानत मिल जाती थी। उन्होंने कहा कि दुकानदार निर्माता कंपनी से बीज खरीदता है। ऐसे में जो भी कमी होती है उसका जिम्मेवार कंपनी को होना चाहिए। मगर इस नए कानून में कंपनी के साथ- साथ दुकानदार भी कसूरवार होगा। कानून के तहत ऐसे मामले में शिकायत मिलने पर अब पुलिस भी जांच कर सकती है। इसके साथ ही दोषी पाए जाने पर दुकानदार को जमानत नहीं मिलेगी। वहीं बीजाें में कमी मिलने पर पहले जो जुर्माना 500 रुपये होता था। वह बढ़ाकर अब 50 हजार रुपये तक कर दिया गया है। जोकि न्याय संगत नहीं है।
एक सप्ताह तक बंद रहेंगीं दुकानें
प्रधान राजकुमार गुप्ता ने बताया कि राज्य स्तरीय एसोसिएशन के निर्देशों पर ही उन्होंने दुकानें बंद की है। अगले सात दिनों तक दुकानों को बंद रखा जाएगा। इसी दौरान राज्य स्तरीय टीम अगली प्रणाली पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कानून दुकानदारों के तर्क संगत में नहीं है। फिलहाल राज्य स्तरीय एसोसिएशन के आवाहन पर एक सप्ताह तक दुकानें बंद रखने का फैसला लिया है ।