जलबेड़ा गांव के शिव मंदिर से निकली कलश यात्रा के दौरान मौजूद महिला श्रद्धालु। संवाद
जलबेड़ा। आनंदपुर जलबेड़ा गांव में शिव मंदिर निर्मित हो गया है। इसमें शिव और परिवार की मूर्ति स्थापना के लिए पांच ब्राह्मणों की ओर से मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के लिए लगातार पांच दिनों तक मंत्र जप और हवन यज्ञ किया गया।
मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में मंगलवार दोपहर दो बजे विशाल शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा गांव के चारों तरफ परिक्रमा कर बाबा मोहनदास के समाधि स्थल पर पहुंची। यहां पर बाबा सत्यनारायण दास की मूर्ति को बाबा मोहन दास के प्रांगण में रात्रि विश्राम के लिए रखा गया। इसके बाद शोभा यात्रा वापिस मंदिर श्री राधा कृष्ण की और चली।
इस शोभायात्रा में सौभाग्यवती स्त्रियों ने सिर पर कलश उठाया हुआ था जोकि सिर पर कलश उठाकर पुरी यात्रा में आगे चल रही थीं। उनके पीछे अन्य स्त्रियों भगवान के भजन गाती नाचती हुई चल रही थी। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए पंडित रामपाल शास्त्री ने बताया कि शिवरात्रि के दिन शिवलिंग की स्थापना करना महापुण्यशाली है। जो व्यक्ति इस देवी कार्य में भागीदार हुए हैं, उन्होंने पाप-पुण्य अर्जित किया है।
बता दें कि मंदिर के महंत सत्यनारायण दास 1 साल पहले प्रभु में लीन हो गए थे। इसके चलते उनकी मूर्ति को बाबा मोहन दास के समाधि स्थल पर स्थापित किया जाएगा। इस आयोजन के चलते मंदिर श्री राधा कृष्ण में सुबह से ही भक्तों की आवाजाही शुरू हो जाती है। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों ने भगवान से गांव के मंगल की कामना की व प्रसाद वितरित किया।