अंबाला सिटी। महाशिवरात्रि के अवसर पर बुधवार को सुबह चार बजे से मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। अंबाला सिटी व छावनी सहित जिले के सभी शिवालयों में शिव भगवान के जयकारे लगते रहे। सुबह सबसे पहले विशेष अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने शिवलिंग का जलाभिषेक किया। मुख्य शिवालयों में दोपहर तक श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें नजर आई। इसके साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और व्यापारी मंडलों ने जगह-जहग विभिन्न व्यंजनों का भंडारा भी वितरित किया।
51 ज्योति से हुई भगवान शिव की महाआरती
अंबाला सिटी के प्राचीन शिव मंदिर जट्टांवाला में सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग का दूध, जल, शहद से अभिषेक किया। मंदिर सभा के प्रधान प्रमोद सिंगला ने बताया कि बुधवार शाम को जागरण का आयोजन किया गया। शाम सात ज्योति प्रज्वलित हुई इसके बाद साढ़े सात बजे से भंडारा लगाया गया। वीरवार को भी दोपहर 12 बजे मंदिर परिसर में भंडारा लगाया जाएगा।
सड़क तक लगी श्रद्धालुओं की कतार
अंबाला सिटी के रामबाग स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। मंदिर परिसर से लेकर सड़क तक श्रद्धालुओं की कतार नजर आई। इस दौरान मंदिर में विभिन्न संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं के लिए फल, खीर का भंडारा भी लगाया गया। प्राचीन शिव मंदिर के बाहर मेला भी लगा। यातायात व्यवस्था को देखते हुए पुलिस कर्मचारियों को भी तैनात किया गया था।
हाथीखाना मंदिर में व्यंजनों का लगा भंडारा
अंबाला छावनी के ऐतिहासिक मंदिर हाथीखाना शिव मंदिर में भी सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दी। घंटों इंतजार करने के बाद श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर माथा टेक मन्नतें मांगी। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की ओर से खीर, दूध और आइसक्रीम और टिक्की चाट का भी भंडारा वितरित किया गया। इस मौके पर छावनी के बीपीएस प्लेनेटोरियम स्थित पंचमुखी शिव मंदिर को भी रंगबिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया। यहां पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखी। लोगों ने दूध, जल, बेलपत्र और भांग के पत्ते चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा की।
शिवरात्रि पर बांटा गन्ने और गाजर का जूस
अंबाला सिटी के कोर्ट रोड पर व्यापारियाें ने मिलकर गन्ने और गाजर के जूस का लंगर लगाया। व्यापारी कमलेश, टीटू और गुरमीत ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष शिवरात्रि पर भंडारा आयोजित करते हैं। इस वर्ष पहली बार जूस का भंडारा लगाया है। वीरवार को भी भंडारे का आयोजन किया जाएगा।