अंबाला सिटी पहुंची शीश मार्ग यात्रा का स्वागत करते पदाधिकारी। प्रवक्ता
अंबाला। श्री गुरु तेग बहादुर की शहादत को समर्पित एक विशेष शीश मार्ग यात्रा जो दिल्ली के गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से आरंभ हुई थी, अपने पड़ाव दर पड़ाव चलते हुए शनिवार को अंबाला शहर के ऐतिहासिक गुरुद्वारा शीशगंज साहिब पहुंची। यहां पर गुरु तेग बहादुर साहिब सेवा सोसायटी व हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस शीश मार्ग यात्रा का स्वागत किया। सिख फेडरेशन के महासचिव जत्थेदार चरनजीत सिंह टक्कर ने बताया कि जब श्री गुरु तेग बहादुर साहब को मुगल बादशाह औरंगजेब ने दिल्ली के चांदनी चौक में शहीद करवाया था, तो भाई जैता जी गुरु साहिब का शीश लेकर दिल्ली से आनंदपुर साहिब के लिए रवाना हुए थे, वह रास्ते में जहां-जहां भी रुके, आज वहां ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब सुशोभित हैं, इन्हीं पड़ावों पर चलते हुए यह शीश मार्ग यात्रा अंबाला के ऐतिहासिक गुरुद्वारा शीशगंज साहिब रुकी, यहां भाई जैता जी रुके थे। यहां पहुंचकर अरदास की गई, इसके चलते दीवान सजाए गए। इसमें पंथ के प्रसिद्ध ढाडी भाई बलबीर सिंह भट्ठल ने अपनी ढाडी वारों से संगत को निहाल किया।
इस यात्रा के साथ चल रहे सिंह साहिब ज्ञानी केवल सिंह, एडवोकेट जसविंदर सिंह, सिख फौजी जत्थे की कोर कमेटी, ज्ञान प्रकाश ट्रस्ट के सभी सदस्य मौजूद रहे, उन्हें गुरुद्वारा साहिब पहुंचने पर सिरोपा साहिब से सम्मानित किया गया। इस मौके पर गुरु तेग बहादुर साहिब सेवा सोसायटी के सदस्य स. सतिंदर पाल सिंह बंटी, अवनीत पाल सिंह, दिलप्रीत सिंह समाटी सहित गु.मंजी साहिब के मैनेजर स. प्रीतपाल सिंह और अंबाला से हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य स.गुरतेज सिंह व स.रुपिंदर सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।
अंबाला सिटी पहुंची शीश मार्ग यात्रा का स्वागत करते पदाधिकारी। प्रवक्ता