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शनि अमावस्या आज, पितरों के साथ शनिदेव को प्रसन्न करने का उत्तम दिन

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हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या आती है। इस बार मार्गशीर्ष मास की अमावस्या आज यानी 4 दिसंबर दिन शनिवार को पड़ रही है। यह अमावस्या शनिवार को होने के कारण शनिवासरी अमावस्या कहलाएगी।
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शनि अमावस्या होने पर पितरों के साथ शनिदेव को भी प्रसन्न करने का यह दिन अति उत्तम है। पूर्णिमा तिथि की भांति अमावस्या तिथि का भी शास्त्रों में विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों या सरोवर में स्नान व पितरों के निमित्त दान करने का बहुत महत्व माना गया है। ज्योतिषी गिरीश आहूजा ने बताया कि मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 3 दिसंबर शाम 4 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी, जोकि 4 दिसंबर को दोपहर एक बजकर 13 मिनट पर समाप्त होगी। अमावस्या तिथि का स्नान-दान 4 दिसंबर को किया जाएगा।
खग्रास सूर्यग्रहण
इस वर्ष का अंतिम सूर्यग्रहण खग्रास सूर्यग्रहण मार्गशीर्ष अमावस्या दिन शनिवार 4 दिसंबर के दिन घटित होने जा रहा है। सूर्य ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, साउथ अफ्रीका, हिंद महासागर व मेलबर्न में देखा जा सकेगा। भारत के समय अनुसार खग्रास ग्रहण दोपहर 12:33 बजे से आरंभ होकर दोपहर 3.07 बजे समाप्त होगा। यह खग्रास सूर्यग्रहण है, जो संपूर्ण भारत में कहीं भी नहीं दिखाई नहीं देगा। देश में सूतक नहीं लगेगा। न ही कोई भी धार्मिक मान्यता होगी। यह एक खगोलीय घटना है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्यग्रहण वृश्चिक राशि, ज्येष्ठा नक्षत्र और कुंभ लग्न में घटित होगा। वृश्चिक राशि पर चार ग्रह सूर्य, बुध, चंद्र व केतु का प्रभाव रहेगा। इसलिए वृश्चिक राशि वालों को सावधानी बरतनी होगी।
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