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Ambala News: छह माह में 913 से घटकर 899 हुआ लिंगानुपात, चिकित्सकों से जवाब तलब

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अंबाला सिटी। जिले में पिछले छह माह में लिंगानुपात 916 से घटकर 899 पर पहुंच गया है। इस संबंध में उपायुक्त ने शुक्रवार को लिंगानुपात के लिए बनाई गई टास्क फोर्स की बैठक ली। इसमें उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने सभी एसएमओ से लिंगानुपात घटने का कारण पूछा। कोई भी चिकित्सक इस बारे में सही जवाब नहीं दे पाया ।
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ऐसे में अब कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। पिछले सप्ताह भी छह पीएचसी को लिंगानुपात में कमी आने के कारण नोटिस जारी किए गए थे। जिसमें उनसे जवाब मांगा था। अब फिर से कारणों का पता लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। लिंगानुपात के संबंध में अब प्रत्येक माह जिला टास्क फोर्स की बैठक होगी। जिसमें पूरे महीने के कार्यों का वर्णन किया जाएगा। इसके साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर को भी जिले भर की मेडिकल स्टोर को दोबारा जांचने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं बीएएमएस और बीएचएमएस चिकित्सकों की भी जांच होगी। अगर किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो उन चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस भी रद होंगे।
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एमओ खुद करेंगे जागरूकता
मेडिकल आफिसर (एमओ) अपने अपने क्षेत्रों में जाकर लिंगानुपात को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। इसके लिए आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी वर्कर्स भी शामिल होंगी। अगर किसी गांव में बीते वर्ष के मुकाबले लिंगानुपात कम हुआ है तो वहां पर भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
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अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर भी सख्ती
जिले में 85 अल्ट्रासाउंड केंद्र चल रहे हैं। जिन पर भी विभाग द्वारा सख्ती जारी है। इसके साथ ही एमटीपी केंद्रों पर भी लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है। हाल ही में सभी केंद्रों को अतिरिक्त एमटीपी किटें रखने पर प्रतिबंध लगाया गया है। कोई भी केंद्र जरूरत पड़ने पर ही एमटीपी किट मंगवा सकता है।

अगले माह से लिंगानुपात में सुधार के आसार
पीएनडीटी के जिला नोडल अधिकारी डॉ विपिन भंडारी ने बताया कि अगले माह तक प्रसव बढ़ने की उम्मीद है। जिससे लिंगानुपात में थोड़ा सुधार आएगा। दो वर्षों से प्रसव में भी कमी देखने को मिली है। इसका असर सबसे अधिक पड़ रहा है। इसके अलावा सभी एसएमओ को लिंगानुपात में कमी के कारणों का पता लगाने में लगाया गया है।
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