अंबाला सिटी। सुशासन दिवस व पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती पर वीरवार को पुलिस डीएवी स्कूल के ऑडिटोरियम में अपने अटल कार्यक्रम काम शाम को आयोजन हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। वहीं प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने भी मंच से पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़े मर्मज्ञ सुनाकर लोगों को भारत की राजनीति और साहित्य जगत में उनके योगदान के बारे में बताया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साहिबजादों के बलिदान को याद किया।
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती पर उनके शब्दों, आदर्शों को नमन करने का दिन है। सीएम ने पंडित मदन मोहन मालवीय को भी याद किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सुधार, मातृृ भाषा के लिए काम करने में लगा दिया। सीएम ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती को हम सुशासन दिवस के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल बिहारी बाजपेयी भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति थे। ऐसे महान व्यक्तित्व की वाणी में लोकतंत्र सांस लेता था, उनके विचारों में भारत का भविष्य आकार लेता था, वह ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने राजनीति को कविता से जोड़ा, सत्ता को संवेदना से जोड़ा और राष्ट्रनीति को मानवीय मूल्यों में सम्मिलित किया है, उनकी सबसे बड़ी विशेषता यही थी कि वह विचारधारा के प्रति दृढ़ थे, वह समाज के प्रति सदैव खुले थे। सीएम ने कवि कुमार विश्वास के शब्दों को संवेदनाओं की साधना बताया। उन्होंने कहा कि आज की यह काव्य संध्या आत्म मंथन का अवसर बनेगी। इस दौरान सीएम नायब सैनी व अन्य पदाधिकारियों ने मंच से अपने अटल पत्रिका का भी विमोचन किया।
पूर्व प्रधानमंत्री अपने कद से बड़े आदमी थे
कवि कुमार विश्वास ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी के जीवन से जुड़ी बातों को बताया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने का उन्हें मौका मिला और उन्होंने अपने व्यक्तित्व से जीवनभर याद रहने वाली एक सीख दी। उन्हाेंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री बाजपेयी की वजह से ही हिंदी साहित्य के पुजारियों को वैश्विक मंच पर पहचान मिली। इस दौरान उन्होंने कई अपनी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी से जुड़ी यादों को सुनाया। उन्होंने कहा कि कई लोग पद से बड़े होते हैं तो कई कद से बड़े होते हैं। अटल बिहारी बाजपेयी कद से बड़े व्यक्ति थे। प्रधानमंत्री के निवास में बैठते समय उनके कद के सामने प्रधानमंत्री का घर छोटा लगता था।