हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जन शिक्षा अधिकार मंच ने कई स्कूलों में विज्ञान संकाय बंद करने पर कड़ा ऐतराज जताया है। मंच के पदाधिकारियों का आरोप है कि सरकार साजिश के तहत छात्रों के अधिकार छीन रही है। जिला संयोजक कुलदीप चौहान, जिला प्रधान बृज मोहन और जिला सचिव अशोक कुमार सैनी ने बताया कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों से विज्ञान संकाय बंद कर दिया है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार बच्चों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की बात करती है दूसरी ओर खासतौर पर ग्रामीण बच्चों से विज्ञान की शिक्षा सोची-समझी योजना के तहत छीन रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में विशेष रूप से सुविधाएं बढ़ाकर आर्ट्स, कॉमर्स और विज्ञान संकाय को चलाना चाहिए। बंद किए गए प्राथमिक स्कूलों को भी फिर शुरू करना चाहिए ताकि हर बच्चे तक अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा उपलब्ध हो सके।
चौहान ने सक्षम व्यवस्था को पूरे तौर पर भ्रष्टाचारी मानते हुए इसे अध्यापकों और बच्चों के लिए आत्मघाती बताया। कहा कि भ्रष्ट और मानवीय संवेदनाओं से बिल्कुल शून्य अधिकारियों के गैर मानवतावादी रवैये के चलते 75 प्रतिशत से अधिक अध्यापक और बच्चे डिप्रेशन के शिकार हो चुके हैं। सचिव अशोक कुमार सैनी ने बताया की पंचकुला में सर्वकर्मचारी संघ के 16,17 और 18 अगस्त को होने वाले त्रैवार्षिक राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन में शिक्षा विभाग और सरकार की कर्मचारी मजदूर, किसान और छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ तीखा और निर्णायक आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।