जंक फूड लगातार छात्रों की सेहत खराब कर रहे हैं। हाल ही में मिनिस्ट्री ऑफ वूमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट ने इस मसले पर एक रिपोर्ट भी तैयार करवाई है। इसमें मंत्रालय ने इस जंक फूड से बच्चों की सेहत पर होने वाले नुकसानों का विस्तृत ब्योरा दिया है। इस रिपोर्ट को मंत्रालय ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) से भी साझा किया है।
इसी रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए सीबीएसई ने भी अपने अधीनस्थ तमाम स्कूलों में सर्कुलर जारी कर स्कूल की कैंटीनों में केवल पौष्टिक खाद्य पदार्थों की बिक्री सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बच्चों की फिजिकल फिटनेस पर भी खास ध्यान रखने को कहा गया है। उधर, स्कूलों के प्राचार्यों ने भी इन दिशा निर्देशों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य डॉ. विकास कोहली ने बताया कि इस सर्कुलर के तहत कैंटीनों के मैन्यू में कई बदलाव किए जा चुके हैं। जबकि मुरलीधर डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य डॉ. आरआर सूरी कहते हैं कि छात्रों की सेहत के मद्देनजर स्कूल ने इस सर्कुलर के तहत कार्रवाई की है।
कैंटीनों से जंक फूड हटाने के निर्देश
सीबीएसई ने भेजे गए सर्कुलर में मंत्रालय की रिपोर्ट का हवाला देकर हाई फैट, शुगर एवं साल्ट युक्त खाने से बच्चों पर होने वाले नुकसान का ब्योरा दिया है और बच्चों को हेल्दी फूड की ओर ले जाने को कहा है। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल ये सुनिश्चित करें कि स्कूल कैंटीनों से हाई फैट, शुगर एवं साल्ट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे चिप्स, फ्राइड फूड, कार्बोनेटेड कोल्ड ड्रिंक्स, रेडी टू ईट नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, पैटेटो फ्राइ, कॉनफेक्शनरी आइटमस, चॉकलेट, कैंडीज, समोसा, ब्रेड पकौड़ा, पैटीज आदि जंक फूड की बिक्री बंद करवा दी गई है। साथ ही हो सके तो स्कूल लोकल प्रशासन की मदद से उक्त जंक खाद्य पदार्थों की बिक्री स्कूलों के 200 मीटर के दायरे में भी न होने दें।
स्कूल कैंटीन मैनेजमेंट कमेटी गठित होंगी
स्कूल कैंटीनों से जंक फूड की बिक्री पर रोक सुनिश्चित करने के लिए सीबीएसई ने सभी स्कूलों को अपने-अपने स्कूलों में 7 से 10 सदस्यीय स्कूल कैंटीन मैनेजमेंट कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए हैं। इस कमेटी में टीचर, पैरेंट्स, स्टूडेंट व कैंटीन आपरेटर को शामिल किया जाए। ये कमेटी सुनिश्चित करेगी कि कैंटीन में बच्चों के लिए क्या पौष्टिक फूड उपलब्ध करवाया जाए। कमेटी फूड की क्वालिटी भी औचक ढंग से चेक करे। यह कमेटी कैंटीन की साफ सफाई पर भी नजर रखें। साथ ही प्राचार्य स्कूलों में पौष्टिक आहार विषय पर विशेषज्ञों के लेक्चर भी करवाएं, ताकि बच्चों को प्रेरित कर जंक फूड से दूर और पौष्टिक आहार के नजदीक लाया जा सके।