करोड़ों की लागत से बने कैंट के घसीटपुर क्षेत्र के दो सेक्टर (33 व 34) तमाम कोशिशों के बावजूद आबाद नहीं हो पाए हैं। करोड़ों रुपये की यह योजना अब धूल फांक रही है। इन दोनों सेक्टरों में अभी तक मात्र 200 फ्लैटों को ही आवंटित किया जा सका है, जबकि 1440 फ्लैट आज भी खाली हैं। इनका रखरखाव नहीं हो पा रहा है, जबकि योजना पर लेटलतीफी की धूल चढ़ रही है। विभाग का दावा है कि करीब 425 आवेदन अभी पात्रों के और आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अन्य आवेदकों को तभी योजना में शामिल किया जाएगा, जब पात्रों को यह अलाटमेंट पूरी की जाएगी।
यह है योजना
तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुडा की ओर से आशियाना योजना के तहत कैंट के घसीटपुर में सेक्टर 33 व 34 में 1640 फ्लैट बनाए गए थे। इस योजना के तहत टपरीवासी, झुग्गी झोंपड़ी वासियों को इस योजना में शामिल किया जाना है। इसके अलावा हुडा की जमीन पर अवैध कब्जा करने और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को भी इस में शामिल किया गया, ताकि इन सभी को इन सेक्टरों में फ्लैट आवंटित किए जाएं। लेकिन हैरानी है कि इस योजना में शामिल पात्रों को अभी तक इन फ्लैटों में ही नहीं भेजा जा सका है।
200 आवंटित 425 की जांच जारी
हुडा के उक्त फ्लैटों में बेशक अभी 200 फ्लैट आवंटित किए गए हैं, लेकिन अभी तक 1440 फ्लैट खाली हैं। विभाग की मानें तो फिलहाल करीब सवा चार सौ आवेदन हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इन सभी पात्रों के आवेदनों की जांच के बाद ही इन को फ्लैट आवंटित किए जाएंगे। इसी तरह अन्य फ्लैटों को आवंटित करने के लिए भी काम किया जा रहा है। अन्य वर्गों से जिन्होंने आवेदन किया है, उनको लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
आवेदकों के लिए लंबा इंतजार
जिन वर्गों के लिए यह योजना है, उससे हटकर भी कई अन्य वर्गों के लोगों ने इन फ्लैटों के लिए आवेदन किया है। लेकिन हुडा विभाग अभी इनको योजना में शामिल नहीं कर रहा है। विभाग का कहना है कि पहले योजना के पात्रों को योजना के तहत फ्लैट दिए जाएंगे। इसके अलावा यदि बाद में फ्लैट बचते हैं तो अन्य वर्गों को शामिल किया जाएगा। लेकिन इसके लिए समय सीमा तय नहीं की गई है। योजना को करीब चार साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक यह पूरी तरह से आबाद नहीं हो पाया है। इतना ही नहीं अभी तक इन सेक्टरों में अन्य सुविधाएं भी पूरी तरह से नहीं मिल पाई हैं। दूसरी ओर विभाग के लिए पात्रों को इन फ्लैटों तक पहुंचाना भी चुनौती है।
यह कहते हैं आवेदक
फ्लैटों के लिए आवेदन करने वाले संतोष कुमार खींची, अनिल कुमार, रमेश, कमला देवी, बिमला का कहना है कि योजना को एक समय सीमा में पूरा किया जाना चाहिए। इसके लिए पूरी प्लानिंग के साथ काम हो। यदि पात्र व्यक्ति इस में नहीं जाना चाहे, तो कम से कम अन्य पर विचार किया जाए। कई साल बीत गए हैं आवेदन किए, लेकिन यह मिलेंगे या नहीं इस पर कुछ पता नहीं है। कई ने तो आवेदन के रुपये तक वापस ले लिए हैं।
इन सेक्टरों के फ्लैट कुछ आवंटित हो चुके हैं, जबकि अन्य पर प्रक्रिया चल रही है। कुछ आवेदनों की जांच हो रही है। सबसे पहले योजना के पात्रों को यह फ्लैट आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद अन्य वर्गों के आवेदकों पर विचार होगा। फिलहाल करीब सवा चार सौ आवेदनों को चेक किया जा रहा है। इसके बाद इनको फ्लैट आवंटित किए जाएंगे।
- सुभाष चंद सिहाग, एसडीएम अंबाला