अंबाला सिटी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। सहायक जिला समन्वयक दिनेश कुमार पर भुगतान प्रक्रिया में फर्जी हस्ताक्षर के इस्तेमाल व प्लास्टिक अपशिष्ट मशीन की खरीद में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जिला परिषद अंबाला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गगनदीप सिंह की तहरीर पर अंबाला सिटी थाना पुलिस ने सहायक जिला समन्वयक दिनेश कुमार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली। यह कार्रवाई बीएनएस में धारा 316(5) विश्वासघात, धोखाधड़ी 318(4), 336(3) व 340(2) के तहत की गई। अंबाला सिटी थाना प्रभारी सुरेश कुमार का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जांच में सामने आए मुख्य तथ्य
पुलिस को दी तहरीर में गगनदीप ने बताया कि पंचकूला जिले से जुड़े एक मामले में सहायक जिला समन्वयक दिनेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद उस समय के कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों की जांच की गई थी। उस जांच के बाद कई अनियमिताएं पाई गई। सोकेज पिट्स से संबंधित फाइलों की नोटिंग शीट पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, अंबाला के अनुमोदन और हस्ताक्षर मुद्रित पाए गए। ब्लॉक अंबाला-1 और साहा में सोकेज पिट्स के भुगतान के लिए नोटिंग शीट्स पर डाटा एंट्री ऑपरेटर सतनाम के फर्जी हस्ताक्षर का प्रयोग किया गया, वहीं संबंधित खंडों में कार्य के लिए भुगतान जारी करने के मामले को अग्रेषित करने के लिए खंड समन्वयक अंबाला-1 के अमर सिंह और साहा समन्वयक गुरप्रीत सिंह के भी जाली हस्ताक्षर इस्तेमाल किए गए। जबकि खंड बराड़ा के धनौरा गांव में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन मशीन लगाने से संबंधित एक फाइल कार्यालय रिकॉर्ड से गायब मिली।
प्लास्टिक अपशिष्ट मशीन घोटाला
रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि 4 प्लास्टिक अपशिष्ट मशीनें पंजलासा गांव (खंड नारायणगढ़), पंजोखरा साहिब (खंड अंबाला-2), राशिदपुर (खंड शहजादपुर) और टापरियां (खंड साहा) में स्थापित की जानी थीं। बिलों के सत्यापन के उद्देश्य से खंड विकास पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ), अंबाला-1 किन्नी गुप्ता के फर्जी हस्ताक्षर का प्रयोग किया गया। गांव के सरपंचों के सत्यापन में यह पाया गया कि मैसर्स हरे कृष्णा एंटरप्राइजेज द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में कोई भी मशीन स्थापित नहीं की गई है। विक्रेता मैसर्स हरे कृष्णा एंटरप्राइजेज को एक फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र जारी किया गया था। इस पर सीईओ, जिला परिषद, अंबाला के फर्जी हस्ताक्षर और काल्पनिक मेमो नंबर दर्ज था।