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एससी इंस्पेक्टरों की पोस्टिंग में अंबाला अव्वल, पानीपत दूसरे और सिरसा तीसरे पायदान पर

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प्रदेश के चार जिलों में अनुसूचित आयोग की हिदायतों के अनुसार एक भी एससी इंस्पेक्टर की तैनाती नहीं हो सकी। प्रदेशभर के 22 जिलों में 356 थाने हैं। इन थानों में 20 फीसद पद एससी के लिए आरक्षित होने चाहिए। लेकिन वर्तमान समय तक यह संख्या महज 10.95 फीसद है। वर्तमान में प्रदेशभर के 18 जिलों में 39 एससी इंस्पेक्टर तैनात हो पाए हैं। विडंबना है कि शेष पदों को भरने के लिए योग्य कर्मचारी ही नहीं मिल पा रहे हैं। अलबत्ता 23 एससी इंस्पेक्टर के पदों पर जनरल इंस्पेक्टर काम कर रहे हैं।
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20 फीसदी पदों पर एससी इंस्पेक्टर नियुक्ति की दी थी हिदायतें
एससी कमीशन द्वारा मुख्य सचिव व डीजीपी को प्रदेश के तमाम जिलों में एससी स्तर के 20 फीसदी कर्मी तैनात करने के दिशा-निर्देशों की पालना में 35.29 फीसदी तैनाती कर अंबाला अव्वल रहा। 21.42 फीसदी से पानीपत दूसरे और 18.75 फीसदी तैनाती कर सिरसा तीसरे पायदान पर रहे। एससी कमीशन द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 23 जिलों के 356 पुलिस थानों में 10.95 फीसदी यानि 39 पदों पर एससी इंस्पेक्टर तैनात हैं। चरखी दादरी, हांसी, झज्जर, कैथल, महेंद्रगढ़ में तो खाता भी नहीं खुला है। जीआरपी के 16 थानों में केवल एक पर एससी अधिकारी तैनात हैं। डीजीपी ने साफ कर दिया है कि कमीशन के निर्देशों को यथासंभव लागू करने का प्रयास किया जाएगा लेकिन पोस्टिंग केवल क्राइम कंट्रोल करने वाले अधिकारी को ही मिलेगी चाहे वह कोई भी हो।
जानिए किस जिले के थाने में क्या है स्थिति
-अंबाला के 17 थानों के इंचार्ज में 35.29 फीसदी 6, भिवानी के 12 में 8.33 फीसदी 1, चरखीदादरी के 7 थानों में कोई नहीं, फरीदाबाद के 29 में 3.44 फीसदी 1, फतेहाबाद के 11 में 9.9 फीसदी- 1, गुरुग्राम के 43 में 11.62 फीसदी- 5, हिसार के 18 में 5.25 फीसदी -1, झज्जर के 15 में कोई नहीं-0, जींद के 14 में 14.28 फीसदी 2, कैथल 13 में कोई नहीं, करनाल 17 में 11.76 फीसदी 2, कुरूक्षेत्र 11 में 10 फीसदी-1, महेंद्रगढ़ में 9 में कोई नहीं, नूहं 12 में 16.66 फीसदी 2, पलवल 13 में 15.38 फीसदी 2, पंचकूला 9 में 11.11 फीसदी -1, पानीपत के 14 में 21.42 फीसदी 2, रेवाड़ी के 14 में 14 फीसदी-2, रोहतक के 15 में 20 फीसदी 3, सिरसा के 16 में 18.75 फीसदी-3, सोनीपत के 16 में 6.25 फीसदी- 1, यमुनानगर 15 में 13.13 फीसदी- 2 और जीआरपी के 16 थानों में 6.25 फीसदी केवल-1 थाने में एसी इंस्पेक्टर तैनात हैं। इस तरह प्रदेश के 356 थानों में केवल 10.95 फीसदी 39 एसई इंस्पेक्टर पदों पर हैं। इनमें एसएचओ के अलावा एसआइएस व अन्य रैंक भी शामिल हैं।
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अंबाला अव्वल, पानीपत दूसरे व सिरसा तीसरे पायदान पर
-रिकार्ड के मुताबिक मामले में अंबाला अव्वल, पानीपत दूसरे व सिरसा तीसरे पायदान पर है। जीआरपी में-1 फीसदी पोस्टिंग है जबकि चरखी-दादरी, हांसी, झज्जर, कैथल व महेंद्रगढ़ में एक भी एससी इंस्पेक्टर तैनात नहीं है।
ऐसा कोई कानून नहीं है कि 20 फीसदी एससी कर्मियों की पोस्टिंग होगी। पूरे देश में एक कानून है। केवल नियुक्ति और उन्नति के समय ही 20 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान है। पुलिस अधिकारी व कर्मी की कोई जाति नहीं होती। वह निष्पक्ष होकर अपना काम करता है। एससी कमीशन ने राज्य सरकार को ऐसे दिशा-निर्देश दिए हैं कि ऐसा होना चाहिए। यथा संभव प्रयास किए जा रहे हैं। गिनकर या प्रतिशत के हिसाब से तैनाती नहीं होगी। केवल उपयुक्त, मैरिट बेस या क्राइम कंट्रोल करने में दक्ष कर्मी को ही कमान सौंपी जाएगी।
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- मनोज यादव, डीजीपी हरियाणा
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