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एक घंटे में होगी तीन सौ सैंपल की जांच, मैनुअल की जगह सीधा पोर्टल पर पहुंचेगी रिपोर्ट

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नागरिक अस्पताल की लैब में आई मशीन - फोटो : Ambala
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लीवर, किडनी और ब्लड इत्यादि टेस्ट की रिपोर्ट के लिए मरीजों को अब जल्द ही दिनभर के इंतजार से छुटकारा मिलेगा। छावनी नागरिक अस्पताल की लेबोरेटरी अब करीब 50 लाख रुपये की लागत वाली ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर और इम्योनोएसए मशीन के आने पर हाईटेक हो गई है। इस मशीन के अंदर एक साथ करीब सौ मरीजों के तीन सौ सैंपल की रिपोर्ट महज एक घंटे में ही आ जाएगी। इतना ही नहीं इन मशीनों के जरिए होने वाली सैंपलिंग की रिपोर्ट मैनुअल यानी कागज पर नहीं बल्कि अस्पताल में चल रहे ई-उपचार के पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
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हालांकि इन मशीनों को अभी शुरू नहीं किया गया है, लेकिन जल्द ही जापान से आई मशीनों का पूरा प्रशिक्षण होने व इंस्टॉलेशन के बाद इसे शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में करीब 10 से 15 दिन का समय लग सकता है। बता दें कि पहले लेबोरेटरी में सेमी ऑटोमेटिक मशीन उपलब्ध है। इस मशीन के जरिए एक-एक सैंपल करना पड़ता था, लेकिन अब उससे छुटकारा मिलेगा। साथ ही कम समय में अस्पताल में होने वाले टेस्टों की संख्या में भी बढ़ावा होगा। बता दें कि रोजाना अस्पताल में करीब तीन सौ मरीजों के टेस्ट किए जाते हैं।
इम्यूनो एसए मशीन से हो सकेगा थायराइड और फैरिटीन का टेस्ट
करीब 30 लाख की लागत वाली इम्यूनो एसए मशीन से नागरिक अस्पताल छावनी में थायराइड, थैलेसीमिया के मरीजों का होने वाला फैरिटीन टेस्ट भी हो सकेगा। इन टेस्ट के लिए अभी तक मरीजों को बाहर प्राइवेट लैब के चक्कर काटने पड़ते हैं और करीब एक हजार रुपये तक लग जाते हैं। फैरिटीन टेस्ट कोरोना के मरीजों के अंदर इंफेक्शन का पता लगाने के लिए भी होता है। साथ ही हार्मोंस टेस्ट, विटामिन बी-12 आदि टेस्ट भी हो सकेंगे।
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रिपोर्ट के लिए लैब में आने से मिलेगा छुटकारा, पोर्टल पर होगी अपलोड
इन मशीनों को सीधा ही अस्पताल में चल रहे ई-उपचार के पोर्टल से जोड़ा जाएगा। संबंधित मरीज की रिपोर्ट उसके ही पोर्टल आईडी पर ही अपलोड होगी, ताकि डॉ. ओपीडी में बैठे-बैठे ही देख सकेगा। मौजूदा समय में मरीज को रिपोर्ट देने के बाद उसे लेने के लिए दोबारा चौथी मंजिल पर जाना पड़ता है। इससे कागजों की खपत के साथ-साथ मैनुअल वर्क भी खत्म हो जाएगा।
टेस्ट का सामान कंपनी से खरीदने की शर्त पर निशुल्क मिली मशीनें
करीब 50 लाख रुपये की कीमत वाली यह अत्याधुनिक मशीनें संबंधित कंपनी की तरफ से निशुल्क दी गई हैं, लेकिन साथ ही एक शर्त भी रखी है कि वह टेस्ट करने की जो भी सामग्री होती है वो उनकी कंपनी से ही खरीदेंगे। बता दें कि इतने टेस्ट करने के लिए सामग्री भी काफी महंगी आती है।
फुली ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइज व इम्योनोएसए मशीन दोनों आ चुकी हैं। जल्द ही इन मशीनों के जरिए टेस्ट किए जाएंगे। - डॉ. पूजा गुप्ता, मेडिकल ऑफिसर, नागरिक अस्पताल, अंबाला छावनी।
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