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शपथपत्र देकर कहो, हमें प्रार्थी की आरटीआई एप्लीकेशन नहीं मिली

Sun, 04 Sep 2016 12:32 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
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प्रतीक - फोटो : internet
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 राइट टू इन्फॉरमेशन एक्ट को लेकर आज भी कई विभाग और अफसर संजीदा नहीं हैं। जिसके चलते आरटीआई एक्ट के तहत सूचना लेने वाले प्रार्थी को कई-कई महीनों बल्कि सालों भटकना पड़ रहा है। ऐसा ही एक और मामला अंबाला कैंट में रिटायर्ड मास्टर मदन लाल शर्मा के साथ पेश आया है। 
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वे अंबाला कैंट के एक्साइज एरिया से संबंधित आरटीआई मांगने के लिए दिसंबर 2013 से अंबाला के सैन्य क्षेत्र स्थित डिफेंस इस्टेट कार्यालय के धक्के खा रहे हैं, लेकिन विभाग ने आज तक उनके द्वारा मांगी गई जानकारी ही प्रदान नहीं की है। इस पर रिटायर्ड मास्टर मदन लाल शर्मा ने इसकी अपील केंद्रीय सूचना आयोग को कर रखी है। लेकिन वहां पेशी के दौरान डिफेंस इस्टेट विभाग ने अजीब सा जवाब देते हुए ये कह दिया है कि उन्हें तो आज तक प्रार्थी की आरटीआई की एप्लीकेशन ही प्राप्त नहीं हुई है। लेकिन इसके जवाब में प्रार्थी ने भी केंद्रीय सूचना आयुक्त के समक्ष वो सबूत पेश किए, जिसके तहत उसकी एप्लीकेशन विभाग रिसीव कर चुका है।

इसी पर थोड़ी सख्ती दिखाते हुए केंद्रीय सूचना आयोग के आयुक्त अमित्तावा भट्टाचार्य ने डिफेंस इस्टेट ऑफिस अंबाला के सेंट्रल पब्लिक इन्फोरमेशन अफसर को आदेश दिए हैं कि वे तुरंत प्रभाव से इस संबंध में एक शपथ पत्र आयोग को दें, जिसमें इस बात को स्पष्ट करें कि उन्हें प्रार्थी की आरटीआई एप्लीकेशन प्राप्त ही नहीं हुई है।  साथ ही आयुक्त ने प्रार्थी को भी निर्देश दिए कि तुरंत अपनी आरटीआई एप्लीकेशन की एक और प्रति संबंधित विभाग को दें। आयुक्त ने विभागीय अफसरों को ये भी आदेश दिए हैं कि आरटीआई लगाने वाले प्रार्थी से एप्लीकेशन की प्रति दस्ती प्राप्त कर एक माह में उसके सभी सवालों का जवाब दें, वरना आदेशों की उल्लंघना करने पर उनके खिलाफ आरटीआई एक्ट की धारा 20(1) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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---वर्जन
वे अरसे से विभाग में आरटीआई के लिए धक्के खा रहे हैं। लेकिन अब विभाग कहता है कि उन्हें उसकी आरटीआई एप्लीकेशन मिली ही नहीं। दरअसल, ये रिकॉर्ड एक्साइज एरिया में लीज की जमीनों को लेकर हुए बड़े घपलेबाजी से संबंधित है। उन्हें आशंका है कि रिकॉर्ड खुर्द-बुर्द कर दिया गया है, इसलिए संबंधित विभाग मुझे और केंद्रीय सूचना आयोग को गुमराह कर रहा है।
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- रिटायर्ड मास्टर मदन लाल शर्मा, प्रार्थी-
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