फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राफेल अंबाला भेजने की वजह कारगिल का सफल आप्रेशन सफेद सागर

विज्ञापन
विज्ञापन
राफेल लड़ाकू विमान की सौगात का हकदार अंबाला का एयरबेस अपनी अलग पहचान रखता है। मिग व जगुआर लड़ाकू विमानों के अलावा अंबाला एयरबेस की झोली में कई सफल आप्रेशन भी शामिल हैं। उनमें से एक है कारगिल के समय किया गया सफेद सागर आप्रेशन, जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता। इसके अलावा अंबाला एयरबेस भारत का सबसे पुराना एयरबेस है, जिसे फिल्टर बेस कहा जाता है। यहीं से पूरे उत्तर भारत की निगरानी की जाती है। यह भारत के दो पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन की सीमा के पास है। ऐसे में यहां से भारतीय वायु सेना के जवानों को भेजने में आसानी होती है। राफेल की अंबाला में तैनाती चीन को सबक सीखने के लिए भी जरूरी थी। बता दें कि अंबाला से चीन की दूरी करीब 300 किलोमीटर है।
विज्ञापन

पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक के लिए अंबाला से उड़े थे मिराज
दिल्ली से महज 200 किमी की दूरी पर स्थित अंबाला एयरबेस रणनीतिक महत्व का स्क्वार्डन रहा है, जो दिल्ली में वेस्टर्न एयर कमांड के अधिकार में आता है। फरवरी 2019 में पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक के लिए मिराज यहीं से उड़े थे और सफल आप्रेशन कर लौटे थे। इसके अलावा, 1999 के कारगिल युद्ध के समय में भी अंबाला के इस एयरबेस ने अहम भूमिका निभाई थी, जब 234 ऑपरेशनल उड़ानें यहां से भरी गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें